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आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी का बीजेपी व हिंदुत्‍ववादियों पर बड़ा हमला, कहा- गाय को माता नहीं मानते थे सावरकर

पटना। राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने हिंदुत्‍ववादियों व भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला किया है। उन्‍हाेंने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के हिंदू (Hindu) और हिंदुत्व (Hindutva) संबंधी बयान का समर्थन करते हुए गाय (Cow) को मां की संज्ञा देना मनुष्य जाति का अपमान कहा है। तिवारी ने यह बयान विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) के हवाले से दिया है। कहा है कि हिंदुत्व शब्द का सबसे पहले इस्तेमाल सावरकर ने 1923 में किया था। आप सावरकर की कुछ बातों को मानेंगे और कुछ को नहीं, यह ठीक नहीं है। सावरकर ने तो यह भी कहा था कि गाय को मां कहना मनुष्य जाति का ही अपमान है। तिवारी के मुताबिक ‘सावरकर ने कहा है कि कोई जानवर मनुष्य का मां या बाप कैसे हो सकता है?’

राहुल बताते रहे हिंदू और हिंदुत्ववादियों के बीच फर्क

विदित हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने ट्वीट और अपनी रैलियों में हिंदू धर्म और हिंदुत्ववादियों के बीच के फर्क को बताते रहे हैं। उनके अनुसार हिंदुत्ववादी हमेशा नफरत व हिंसा फैलाते हैं। जबकि, हिंदू सत्य के रास्ते पर चलते हैं।

गाय के मुद्दे पर सावरकर के सहारे बीजेपी को घेरा

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बाद आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने भी गाय के मुद्दे पर सावरकर के विचारों के सहारे बीजेपी को घेरा है। शिवानंद ने सावरकर की किताब का हवाला देते हुए कहा कि उनका भी मानना था कि गाय को माता कहना मनुष्य जाति का अपमान है। आखिर कोई जानवर किसी इंसान की मां या पिता कैसे हो सकता है? तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका निजी विचार नहीं है, वे सिर्फ सावरकर के विचारों का उल्लेख कर रहे हैं। इसकी जरूरत इसलिए पड़ गई कि कुछ लोग धर्म के नाम पर देश को बांटने की साजिश कर रहे हैं।

हिंदू व हिंदुत्‍व अलग-अलग, मां नहीं होती गाय

शिवानंद ने दावा किया कि जहां तक सावरकर को उन्‍होंने पढ़ा है, उन्होंने कहा है कि गाय जो अपने मूत्र और गोबर पर पूंछ लगाकर अपनी ही देह पर छींटा मारती है। उसे मां कहना मनुष्य का अपमान है। हिंदुत्‍व शब्द का प्रयोग भी सबसे पहले सावरकर ने 1923 में किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि हिंदू व हिंदुत्‍व अलग-अलग शब्द हैं।

क्‍या वेद, उपनिषद, पुराण सब गलत हो गए? 

तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) या केंद्र सरकार और बीजेपी के नाम लिए बगैर कहा कि जो सावरकर के विचारों के सहारे राजनीति कर रहे हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि किसी की एक बात मानते हैं तो दूसरी बात को मानने में क्या आपत्ति है? कुछ लोग गाय के बारे में सावरकर के दिए गए बयान को नहीं मानते हैं। शिवानंद ने कहा कि सनातन धर्म के बारे में यही लोग कहते हैं कि सबसे पुराना है। उस धर्म के बारे में 1923 में एक आदमी ने जो परिभाषा दी, उसके अनुसार धर्म को आप बदल देना चाहते हैं। वेद, उपनिषद, पुराण सब गलत हो गए और सावरकर ने जो परिभाषा दी वही सही है। यह देश की एकता-अखंडता और धर्म के लिए भी खतरनाक है।

सावरकर की किताब में लिखा है- बीफ खाना गलत नहीं

इसके पहले हिंदुत्‍व व हिंदू की इस बहस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी बड़ा बयान दिया था। उनके अनुसार ने सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि बीफ खाना गलत बात नहीं है। दिग्विजय सिंह ने भी कहा है कि सावरकर ने अपनी किताब में कहा है कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच कोई संबंध नहीं है और गाय जो अपने मल के इर्द-गिर्द चक्कर लगाती है, वह हमारी माता कैसे हो सकती है?

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