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रायपुर नगर निगम अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग करने वालों पर कर रहा सख्ती

रायपुर। रायपुर शहर व आउटर इलाके में लगातार अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। महापौर, आयुक्त ने एक-एक शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने जोन कमिश्नरों को न केवल निर्देश दिएं हैं, बल्कि पूरी फाइल तलब की है, ताकि अब तक की गई कार्रवाई, आरोपितों की गिरफ्तारी, दस्तावेजों की जांच की समीक्षा करने के साथ कमियों को दूर किया जाएगा।

पिछले दिनों महापौर एजाज ढेबर ने नगर निवेश के अधिकारियों की बैठक लेकर अतिक्रमण, प्लाटिंग और अवैध निर्माण को सख्ती से रोकने अभियान चलाने के निर्देश दिया था। इसके बाद अवैध प्लाटिंग के 200 से अधिक पुराने मामलों, अतिक्रमण की दो दर्जन से अधिक शिकायतों, बिना अनुमति के भवनों के निर्माणों पर फौरी कार्रवाई करने निगम अमला सख्त हो गया है।

राजधानी रायपुर और आउटर इलाके में अवैध प्लाटिंग के खेल में शामिल आरोपितों के खिलाफ निगम प्रशासन लगातार सख्ती बरतता आया है। दो महीने पहले दो दर्जन से अधिक केस अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज कराया तो पुलिस ने कुछ लोगों की गिरफ्तारी की, लेकिन बाद में ठोस दस्तावेज नहीं मिलने का हवाला देकर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मामला सामान्य सभा में भी उठा। पार्षदों के साथ वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा और विकास उपाध्याय ने निगम के अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मुद्दा गरमाने के बाद महापौर-आयुक्त ने राजस्व अधिकारियों को तत्काल मूल दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराकर गिरफ्तारी की कार्रवाई में मदद करने को कहा है। इसके साथ ही निगम का अमला जोनवार अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण करने वाले लोगों की सूची बनाने में जुट गया।

यहां की कार्रवाई

पिछले दिनों रामनगर, कोटा और रायपुरा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को निगम अमले ने ध्वस्त कराया था,वहीं अवैध अतिक्रमण,बिना अनुमति भवनों के निर्माण पर भी निगम ने बुलडोजर भी चलाया था। यही नहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने जोन क्रमांक सात और आठ में एक्सप्रेस वे से लगे वार्डों की करीब एक लाख वर्गफीट पर दो कब्जाधारियों के कब्जे के साथ ही जोन सात की टीम ने संत रामदास वार्ड में कोटा-रामनगर में स्थित 10 हजार वर्गफीट पर हुए अवैध कब्जे को जेसीबी चलाकर हटाया था।

एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी

नगर निगम की जांच में पता चला कि अवैध प्लाटिंग के खेल में रसूखदार बिल्डर, स्थानीय जनप्रतिनिधि,जमीन दलाल और वेंडर तक शामिल हंै। अब पूरे प्रकरणों में एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि निगम की ओर से अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण करने वालों करीब तीस लोगों की सूची पुलिस को सौंपी है। इसके आधार पर अब पुलिस ने अपराध कायम करने की तैयारी की है

हर शिकायत की जांच

अतिक्रमण, प्लाटिंग और बिना अनुमति के भवनों का निर्माण करने के मामलों में नगर निगम के अधिकारियों को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हर शिकायत पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

-एजाज ढेबर, महापौर, नगर निगम, रायपुर

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