Logo
ब्रेकिंग
कर्तव्य पथ पर पहली बार मार्च पास्ट करेगी मिस्र सेना की टुकड़ी, परेड में दिखेगा बहुत कुछ नया भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवशकों को लगा महंगा रिपब्लिक डे पर एयर इंडिया ने फ्लाइट्स टिकट पर दिया ऑफर छिंदवाड़ा में हिंदूवादी संगठनों ने पठान फिल्म के पोस्टर फाड़े कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय के बयान पर रविशंकर प्रसाद का फूटा गुस्सा मध्य प्रदेश के राज्यपाल भोपाल में और सीएम शिवराज जबलपुर में करेंगे ध्वजारोहण आप-भाजपा पार्षदों के हंगामे के बीच फिर टला मेयर चुनाव, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित मुंबई: देशभक्ति से भरपूर फिल्म है 'पठान' फर्स्ट शो के बाद 300 शो बढ़ाए गए, अब तक की सबसे बड़ी रिलीज ... इंदौर में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर FIR, पठान मूवी के विरोध में मुस्लिम संगठनों पर आपत्तिजनक ना... अब छिंदवाड़ा में पठान का विरोध, राष्ट्रीय हिंदू सेना ने किया पुतला दहन..जमकर की नारेबाजी

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच डीडीएमए की बैठक आज, लग सकते हैं कई और नए प्रतिबंध

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण की बेतहाशा बढ़ती रफ्तार के बीच शहर में कुछ और नए प्रतिबंधों का ऐलान संभव है। इस बाबत सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अहम बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी कि और क्या करने की जरूरत है। बताया जा रहा है कि जिस तरह से अब दिल्ली में रोजाना 20,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में कुछ नए प्रतिबंध लगाए जाने का ऐलान हो सकता है।

कोरोना संक्रमित अरविंद केजरीवाल ने ठीक होने के बाद रविवार को कहा कि सोमवार को डीडीएमए की बैठक में विशेषज्ञों के साथ वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे कि और क्या करने की जरूरत है। इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेसवार्ता में कहा कि हम लाकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि लाकडाउन नहीं लगने देने की जिम्मेदारी आप लोगों (जनता) के पास है।

उन्होंने कहा कि अगर आप मास्क पहनेंगे और कोरोना बचाव के नियमों का पालन करेंगे तो लाकडाउन नहीं लगेगा। सीएम ने कहा कि दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है फिर भी हमारी कोशिश कम से कम प्रतिबंध लगाने की है, ताकि लोगों की रोजी-रोटी और रोजगार चलते रहें। उन्होंने कहा कि सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सीएम ने कहा कि पिछली लहर की तुलना में इस बार मौत भी कम हो रही है और लोगों को अस्पताल भी काफी कम जाना पड़ रहा है

शनिवार को दिल्ली में 20 हजार केस आए और सात मौत हुईं। जबकि करीब 1500 बेड भरे हुए हैं। वहीं पिछली लहर के समय सात मई 2021 को भी 20 हजार केस आए थे, तब 341 मौत हुई थीं और 20 हजार बेड भरे हुए थे।इस तरह से इस लहर के दौरान मौत भी काफी कम हो रही है और लोगों को अस्पताल जाने की भी काफी कम जरूरत पड़ रही है। यह डेटा मैंने इसलिए बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.