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नेकी एवं ईमान का महीना है रमजान : सेराज

मोतिहारी। बिहार यूनिवर्सिटी टॉपर सह समाज बीवीसेवी बेलवानवा निवासी सैयद सेराजुल हक़ उर्फ सेराज ने कहा कि गुरुवार की रात से तराबी की नमाज और 24 मार्च शुक्रवार से रोजा रखा जाएगा । दुनिया भर में ईमान वाले रमजान का बेसब्री से इंतजार करते हैं खुदा की तरफ से बंदों के लिए रमजान का महीना बक्शीस का तोहफा है। इस मुबारक महीने में अल्लाह गुनहगार बंदों को पूरा मौका देते है कि वह तौबा करके नेकी के रास्ते पर चले और अल्लाह के करीब तर बंदों में उसका शुमार हो जाए। उन्होंने कहा कि रोजे में झूठ, गिबत, धोखा,फरेब और लड़ाई झगड़ा सबसे पूरी तरह परहेज करने का एहतेमाम करना चाहिए। अगर रोजा रखकर भी इंसान हराम खाना खाए तो फिर उसका रोजा अल्लाह के बारगाह में कबूल नहीं होता है। इसलिए हमें हर बुरी बातों से बचना हैं, रुकना है और तकबे की दौलत रोजे के जरिए से जिंदगी में पैदा करना है। तकबा यानि परहेजगारी दिल की उस कैफियत को कहते हैं कि इंसान तन्हाई में भी गुनाह और बुराइयों से बचने वाला इंसान बन जाए। रमजान रहमतों और सब्र का महीना है। इसमें इमाम वालों की रोजी बढ़ा दी जाती है। वही सेराज ने कहा है कि इस मुबारक महीने में सदका, खैरात और जकात देने का बड़ा एहतेमाम करना चाहिए। इस मुबारक महीने में नफिल अमल का सवाब फर्ज के बराबर कर दिया जाता है और फर्ज का सबाब 70 गुणा बढ़ा दिया जाता है। इस लिहाज से यह मुबारक और मोकद्दस महीना है। लिहाजा इसकी कद्र करनी चाहिए और नेकियों के साथ जिंदगी गुजरनी चाहिए। उक्त आशय की जानकारी यूनिवर्सिटी टॉपर सह समाजसेवी बेलवनवा निवासी सैयद सेराजुल हक़ उर्फ सेराज ने दी।

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