ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

ताइवान की राष्ट्रपति अमेरिका पहुंचीं, विरोध के साथ स्वागत भी हुआ 

वाशिंगटन । ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन न्यूयॉर्क पहुंच गई। ‎चीन और अमे‎रिका में टकराव की गंभीर ‎स्थिति के बावजूद वह बुधवार को न्यूयॉर्क पहुंचीं। होटल के बाहर उनका विरोध करने के लिए प्रदर्शनकारी और उनका स्वागत करने वाले दोनों तरह के लोग खड़े थे। न्यूयॉर्क राष्ट्रपति सेंट्रल अमेरिका जाएंगी, ग्वाटेमाला और बेलीज का दौरा करेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉस एंजिलिस होते हुए ताइवान लौटने से पहले वह हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी से मुलाकात कर सकती हैं। उधर चीन ने इस मुलाकात की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अगर यह होती है, तो गंभीर टकराव हो सकता है। वाशिंगटन में चीन के वरिष्ठ दूत ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह त्साई को उनके देश में आने की अनुमति देकर ताइवान की स्वतंत्रता की वकालत कर रहा है। ऐसे में उनकी यात्रा पर गंभीर ‎स्थिति बन रही है।
चीन के प्रभारी डीएफेयर जू ज्यूयुआन के हवाले से कहा, चाहे ताइवान की नेता संयुक्त राज्य अमेरिका में आएं या अमेरिकी नेता ताइवान के दौरे पर जाएं, (यह) चीन-अमेरिका संबंधों में एक और गंभीर, गंभीर, गंभीर टकराव का कारण बन सकता है। त्साई को यात्रा की अनुमति देकर, वाशिंगटन ने चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठाया है। जू ने कहा, हम अमेरिकी पक्ष से आग्रह करते हैं कि वह ताइवान के सवाल पर आग से न खेलें।ताइवान खुद को एक संप्रभु राज्य मानता है, जबकि चीन इसे एक टूटे हुए प्रांत के रूप में देखता है जो अंतत: मुख्य भूमि के साथ फिर से जुड़ जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.