ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

वृंदावन में मुखराई मोड़ मार्केट में लगी भीषण आग, दुकानें हुईं जलकर खाक

मथुरा के वृंदावन रोड स्थित मुखराई मोड़ के समीप एक दर्जन से अधिक अस्थाई दुकानों में आग लग जाने के कारण करीब 10 लाख रुपए से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। घटना बृहस्पतिवार की रात्रि करीब दो बजे की बताई जा रही है। घटना के अनुसार एक दर्जन से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर राधाकुंड गोवर्धन पुलिस मौके पर पहुंची ऐसे में दमकल विभाग की लापरवाही उजागर हुई।

आग लगने के करीब दो घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक दुकान स्वामियों का सामान और दुकान जलकर खाक हो चुकी थी। स्थानीय लोग और दमकल कर्मियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की घटना में दुकानदारों का लाखों का सामान जलकर राख हो गया।

देर रात्रि हुए अग्निकांड के कारणों का पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों का मानना है कि सड़क किनारे लगे बिजली के तारों से शॉर्ट सर्किट से आग लगी है, वहीं कुछ लोग शरारती तत्वों का कारनामा बता रहे हैं। आग लगने की घटना के बाद दुकानों में रखें गैस सिलेंडर फटने की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई।

इनकी दुकानें जल गईं

किशन लाल सिंह, कृष्णा ओझा, कमल, करण सिंह, राजेश, मुंशी बघेल, महेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, केशव, जीवन लाल, लज्जावती, कलुआ, इंद्रजीत दुकानदारों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार पीड़ित और गरीब दुकानदारों का कहना है। दुकानों में आग लगने के कारण हमारा सब कुछ खत्म हो गया। हमें उम्मीद है। प्रशासन हमारी मदद कर हमें पुनर्वास पिलाने की व्यवस्था करें।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.