ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

भारतीय कैदी की मौत के बाद 199 मछुआरों को रिहा करेगा पाकिस्तान

पाकिस्तान की जेल में एक भारतीय कैदी की मौत के बाद खबर आई है कि पाकिस्तान की सरकार 199 भारतीय मछुआरों को रिहा करने की तैयारी कर रही है। सद्भावना के तहत पाकिस्तान की सरकार इन भारतीय मछुआरों को जेल से रिहा करेगी। इन कैदियों को कराची की जेल से लाहौर भेजा जाएगा और लाहौर से इन कैदियों की वाघा बॉर्डर के जरिए वतन वापसी होगी।कराची के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी काजी नजीर ने बताया कि संबंधित मंत्रालय से भारतीय कैदियों को रिहाई का आदेश आया है। शुक्रवार यानी कि 12 मई को इन कैदियों को रिहा कर लाहौर भेजा जाएगा। जिन कैदियों को रिहा किया जाएगा, वो पाकिस्तान की लंडी जेल में बंद हैं।

बता दें कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी जुल्फिकार की हाल ही में एक अस्पताल में मौत हो गई थी। जुल्फिकार को तबीयत खराब होने पर कराची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन वहां इलाज के दौरान भारतीय कैदी ने दम तोड़ दिया। जांच में पता चला कि फेफड़ों में संक्रमण के चलते कैदी की मौत हुई।पाकिस्तान की जेलों में कैदियों के कल्याण के लिए काम करने वाली पाकिस्तानी संस्था ईदी वेलफेयर ट्रस्ट भारतीय कैदियों को लाहौर ले जाने का इंतजाम करेगी। ट्रस्ट के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की जेलों में हालात बेहद खराब हैं और वहां डॉक्टरों और इलाज की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसकी वजह से कैदी बीमार पड़ते हैं और कई बार उनकी मौत भी हो जाती है।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.