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शिक्षा विभाग का अजब-गजब खेल पांचवीं में संस्कृत विषय ही नहीं विद्यार्थी को कर दिया उसी में फेल

भोपाल। प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में इस बार पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा ली गई। इसमें 13 साल बाद निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की भी बोर्ड परीक्षा ली गई। इन परीक्षाओं के नतीजे घोषित हो चुके हैं, लेकिन इस बार रिजल्ट में अनियमितताओं का अंबार लगा हुआ है। इसमें विभाग ने ऐसे विषय में भी विद्यार्थियों को फेल कर दिया है, जो परीक्षा में ही शामिल नहीं थे। एक निजी स्कूल में पांचवीं में पढ़ने वाले छात्र ने आनलाइन मार्कशीट निकाली है, इसमें पांच मूल विषयों के साथ 100 नंबर का सामान्य संस्कृत का पेपर अलग से जोड़ा गया है, उसमें शून्य नंबर देकर उसे फेल कर दिया गया है, जबकि पांचवीं तक संस्कृत विषय होता ही नहीं है।

वहीं एक निजी स्कूल के आठवीं के एक छात्र को छह विषयों में से पांच विषय में ए और बी ग्रेड मिला है, लेकिन सामाजिक विज्ञान में मात्र चार नंबर मिले हैं। इस कारण वह फेल हो गया। वहीं कई निजी स्कूलों का पांचवीं व आठवीं का रिजल्ट जीरो है। उज्जैन में 52 स्कूलों का आठवीं में रिजल्ट जीरो आया है। इन स्कूलों के 449 विद्यार्थी ने परीक्षा दी थी और सब के सब फेल हो गए। वहीं नर्मदापुरम जिले में कई स्कूलों का रिजल्ट जीरो आया है।

अभिभावक हो रहे परेशान

राज्य शिक्षा केंद्र ने जिस विषय के पेपर लिए ही नहीं, उसमें भी विद्यार्थियों को फेल कर दिया है। इससे परेशान अभिभावक जिलों में जिला परियोजना समन्वयक कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर रहे है। परीक्षा की कापी देखने के लिए अभिभावकों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों की कापी दिखाने से साफ इंकार कर दिया है।

संस्कृत विषय नहीं, फिर भी सप्लीमेंट्री दे दी

हरदा के एक स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी प्रथम शर्मा ने आनलाइन मार्कशीट निकाली है। इसमें पांच मूल विषयों के साथ 100 नंबर को सामान्य संस्कृत का पेपर अलग से जोड़ा गया, जिसमें शून्य अंक देकर उसे फेल कर दिया गया है, जबकि पांचवीं तक संस्कृत विषय होता ही नहीं है। हरदा जिले में अकेले हरदा विकासखण्ड की ही बात करें तो यहां 8 से 10 स्कूलों का रिजल्ट जीरो आया है। इसी तरह कई स्कूलों का पांचवीं का रिजल्ट जीरो है।

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