ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कांग्रेस के निशाने पर अधिकारी-कर्मचारी जिला अध्यक्षों से बनवाई जा रही सूची

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के निशाने पर अधिकारी-कर्मचारी भी आ गए हैं। पार्टी जिला अध्यक्षों और विधायकों से ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करके देने के लिए कहा है जिनका झुकाव भाजपा की ओर से है या नेताओं के रिश्तेदार हैं।

इन्हें चुनाव से पहले हटाने के लिए निर्वाचन आयोग से मांग की जाएगी ताकि वे चुनाव को प्रभावित न कर सकें। इसमें कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त, संयुक्त और उप कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक सहित अन्य संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं।

प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने बताया कि कई अधिकारियों को लेकर शिकायत मिली है कि वे भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।

कुछ कलेक्टर सार्वजनिक तौर पर भाजपा के पक्ष में बात कर रहे हैं। इन सभी की जानकारी जिला इकाइयों से बुलाई गई है। संगठन ने विधायकों से भी कहा है कि जो अधिकारी अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें सूचीबद्ध करें।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा.गाेविंद सिंह ने भी अधिकारियों द्वारा प्रोटाकाल का पालन नहीं करने और कांग्रेस के विधायकों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। ऐसे अधिकारियों को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्न भी पूछे जाएंगे। चुनाव कार्यों के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया का कहना है कि जिलों से जानकारी एकत्र करके निर्वाचन आयोग से इन्हें हटाने की मांग की जाएगी ताकि चुनाव निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सकें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.