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जिंसी रोड में अड़ंगा मानसून के बाद ही बनेगी

ग्वालियर। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा शहर में अलग-अलग स्थानों पर तैयार कराई जा रहीं साढ़े पांच किमी लंबी स्मार्ट रोड में एक बार फिर से अमृत योजना का अड़ंगा लग गया है। जिंसी नाला पर खुदाई के दौरान लाइनें टूटी थीं। अब यहां एक हिस्से में दोबारा से पीएचइ के अमले द्वारा लाइनें डाली जाएंगी। आगामी 15 जून से मानसून की दस्तक के कारण इंडियन रोड कांग्रेस के नियम के अंतर्गत सड़क निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसके चलते सड़कों का निर्माण पूरा नहीं हो पाएगा और आगामी अक्टूबर माह तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा राजपायगा रोड, कंपू रोड, जिंसी नाला और छत्री मंडी के पास स्मार्ट सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इन सभी सड़कों पर पीएचइ की सीवर तथा पानी की लाइनों की दिक्कत आ रही है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद पीएचइ का अमले की लेटलतीफी के चलते सड़कों के निर्माण में भी देरी हो रही है। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के अधिकारियों के प्रयास हैं कि मानसून से पहले इन सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया जाए। इनमें से छत्री मंडी और राजपायगा रोड का काम पूरा हो भी जाएगी, लेकिन जिंसी नाला रोड पर सबसे ज्यादा समस्या है। यहां सड़क खोदाई के दौरान लोगों के कनेक्शन टूट गए थे, जिन्हें कार्पोरेशन ने जुड़वा दिया। इसी बीच पीएचइ के अधिकारियों को यहां 300 मीटर लंबाई में पाइपलाइन डालने की याद आई। इस सड़क की कुल लंबाई 1330 मीटर है। इसमें 900 मीटर से लेकर 1200 मीटर के हिस्से में चार दिन पहले पाइपलाइन डालने के लिए खोदाई की गई, लेकिन चार दिन से काम आगे नहीं बढ़ा है। इसके चलते निर्माण कार्य में देरी हो रही है।

डीबीएम होगा, वर्षा के बाद बिछेगा डामर

स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने इस रोड पर 500 मीटर लंबाई में निर्माण पूरा कर लिया है। अब जून माह में मानसून की आमद के चलते तेजी से काम कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कितनी भी तेजी करने पर यह कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में जनता को समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए डेन्स बिटुमिन मैकेडम की परत ही बिछाई जाएगी। इसका कारण यह है कि वर्षा के दिनों में वाटर बाउंड मैकेडम (डब्ल्यूबीएम) यानी डामर अपनी पकड़ नहीं बना सकेगा। डामर उखड़ने पर निम्न गुणवत्ता के निर्माण के आरोप लगेंगे। इस कारण इसे मानसून के बाद ही तैयार किया जाएगा।

 

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