भगवान जगन्नाथ के पट बंद सात दिन एकांतवास में रहेंगे
ग्वालियर। कुलैथ स्थित प्राचीन मंदिर के पट सोमवार रात नौ बजे से बंद हो गए। पट बंद होने के साथ ही भगवान जगन्नाथ सात दिन के लिए एकांतवास में चले गए। मान्यता है भगवान जगन्नाथ ज्वर से पीड़ित होने से सात दिन तक एकांतवास में रहते हैं। अब 19 जून को पट खुलेंगे और दूसरे दिन 20 जून से दो दिवसीय जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी। कुलैथ रथ यात्रा में भाग लेने के लिए अंचल के अलावा अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं। कुलैथ के जगन्नाथ मंदिर के पुजारी किशोर श्रीवास्तव व भानू श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार की रात भगवान जगन्नाथ के साथ चावल से भरे सात घट अर्पित किए। चावल बनने पर घटों को भोग के लिए भगवान के विग्रह के सामने अर्पित किया। यह घट चारों भागों में विभाजित हो गए। इसके बाद भोग को भक्तों में वितरित किया गया। भोग लगने के बाद सात दिन के लिए भगवान जगन्नाथ के पट बंद कर दिए गए। अब भगवान जगन्नाथ 19 जून को भक्तों को दर्शन देंगे। पट खुलने के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार कर भोग अर्पित किया जाएगा।
20 जून को निकलेगी रथ यात्रा परंपरागत रूप से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 20 जून को शुरू होगी। गांव में परिक्रमा करने के बाद भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ कुलैथ गांव में स्थित माता के मंदिर पहुंचेंगे। जहां भगवान रात में विश्राम करेंगे। मंदिर में रात में कीर्तन होंगे। दूसरे दिन 21 जून को फिर रथयात्रा माता के मंदिर से प्रारंभ होकर अपने धाम पहुंचेगी। जहां पूजा-अर्चना के बाद भोग लगाकर रथ यात्रा का परायण होगा।
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