ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

असहाय बच्चों के पालन-पोषण के लिए मध्य प्रदेश सरकार देगी चार हजार रुपये

इंदौर। लाड़ली बहना योजना के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार अनाथ-बेसहारा बच्चों का भी पालन-पोषण भी करेगी। इसके लिए सरकार ने एक योजना लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत बेसहारा बच्चों को चार हजार रुपये प्रति माह दी जाएंगे। इसके लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए सरकार ने बाल आशीर्वाद योजना शुरू की है। इसके लिए बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम होना चाहिए। इसके लिए बच्चों के आवेदन आंगनवाड़ी केंद्रों पर लिए जा रहे हैं। आवेदन स्वीकार करने की समय-सीमा के पश्चात इनकी जांच की जाएगी। शहर की कई बस्तियों में रहने वाले बच्चों को इसका लाभ देने के लिए विभाग अभियान चलाने पर भी विचार कर रहा है।

इसके लिए पात्र ऐसे बच्चे होंगे जिनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे बच्चों का करीबी रिश्तेदार या संरक्षक की देख-रेख में पालन-पोषण हो रहा है। इसके लिए सबसे जरूरी यह बात है कि कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत बच्चा पात्र नहीं होना चाहिए, वही बच्चे इसके पात्र होंगे। यह भी जरूरी है कि ऐसे बच्चे कम से कम पांच वर्ष तक शहर के निवासी भी होना चाहिए। पात्र हितग्राही शहर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।

जांच के बाद सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट

विभागीय जानकारी अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों और विभाग के कार्यालय में प्राप्त आवेदनों की जांच के पश्चात इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय भेजी जाएगी। वहां से निर्देश प्राप्त होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद ही डीबीटी और अन्य कार्रवाई भी करवाई जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.