ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

मध्य प्रदेश में डाक्टरों को सार्थक एप पर ही दर्ज करानी होगी उपस्थिति स्वास्थ्य संचालनालय ने पांच दिनों में मांगी रिपोर्ट

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज कराने के लिए अब सख्ती शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संचालनालय में अपर संचालक डा. प्रमोद पाठक ने सभी जिलों के सीएमएचओ और सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर ऐसे डाक्टरों की सूची मांगी है जिन्होंने अभी तक सार्थक एप पर पंजीयन तक नहीं किया है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सार्थक एप के माध्यम से दर्ज उपस्थिति ही मान्य की जाएगी। बता दें कि डाक्टरों के देर से अस्पताल आने और जल्दी जाने को लेकर नईदुनिया ने लगातार समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद सार्थक एप की व्यवस्था इस वर्ष जनवरी में शुरू की गई। इस मामले में मंत्री से लेकर अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण कुछ डाक्टर ही इसका पालन कर रहे हैं। बता दें कि यह जीपीएस आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था है। इसके पहले बांडेड डाक्टरों के लिए यह निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि सार्थक पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर उन्हें बांड अवधि पूरी करने का प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। उपस्थिति की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय सार्थक एप डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर जिले की प्रतिदिन उपस्थिति की जानकारी प्रदर्शित की जाती है। स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं। आगे यह भी तैयारी है कि विभाग की ओर से डाक्टरों को दिए जाने वाले विभिन्न अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए सार्थक एप में उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.