ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

विधायक जज्जी के मामले में आज गवाही पूरी करेंगे भाजपा नेता लड्डूराम

 ग्वालियर। अशोकनगर से विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र वाले मामले में आज यानि मंगलवार को सुनवाई जारी रहेगी। इस मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता लड्डूराम कोरी की गवाही और बयान पूरे होंगे। बता दें कि यह मामला विधायक के जाति प्रमाणपत्र को गलत ठहराते हुए बतौर याचिका हाईकोर्ट में दायर किया गया है।

यह चुनाव याचिका 2018 के विधानसभा चुनाव में जज्जी से हारे भाजपा नेता लड्डूराम कोरी ने लगाई थी। जिस याचिका में भाजपा नेता लड्डू राम ने जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में कोरी का आरोप था कि पंजाब में कीर जाति को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिलता है लेकिन मध्यप्रदेश में इस जाति को अनुसूचित जाति के तहत मिलने वाले आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। लेकिन भाजपा के नेता और अशोक नगर से विधायक जजपाल सिंह ने यही अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र उपचुनाव में भी लगाया था। चुनाव आयोग की अधिवक्ता संगम जैन ने लड्डूराम कोरी की याचिका के साथ जज्जी के जाति प्रमाण पत्रों को भी सुनवाई के दौरान संलग्न किया था।

उल्लेखनीय है कि 2018 में जज्जी ने कांग्रेस और कोरी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। जज्जी ने कीर जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा। कीर जाति को पंजाब में आरक्षण दिया गया है, लेकिन मध्यप्रदेश में नहीं। कोरी ने इसी आधार पर चुनाव याचिका दाखिल की थी। 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद जज्जी भी भाजपा में आ गए थे। उन्होंने उपचुनाव में जीत हासिल की थी। पर 2018 के मामले में अब हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी पाया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.