ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

एक समय पर दो कार्यक्रम, नहीं पहुंचे 80 कर्मचारी का काटा तीन दिन का वेतन

जबलपुर, । स्वतंत्रता दिवस पर एक ही समय पर दो कार्यक्रम आयोजित किए जाने और उसमें एक कार्यक्रम में कर्मचारियों के न पहुंचने पर 80 कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निगमायुक्त के इस निर्णय के विरोध में निगम के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। तकनीकी कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश नगर निगम नगर पालिका कर्मचारी संघ ने नगर निगम प्रशासन को ये चेतावनी भी दे दी है कि यदि सभी 80 कर्मचारियों के वेतन वापसी का आदेश नहीं दिया जाता तो कर्मचारी कामबंद हड़ताल पर चले जाएंगे।

अनुशासनहीनता मान निगमायुक्त स्वप्निल वानखडे ने दिया निर्देश

नगर निगम तकनीकी कर्मचारी संघ के संयोजक राम दुबे, मध्यप्रदेश नगर निगम नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रांतीय संगठन सचिव कपिल दुबे, योगेंद्र दुबे ने जारी बयान में बताया कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय महापर्व समस्त भारत वासियों द्वारा अपने संपूर्ण परिवार के साथ हर्षोल्लाह के साथ मनाया जाता है। नगर निगम मुख्यालय में भी झंडा वंदन कार्यक्रम मनाया गया जिसमें सभी कर्मचारी उपस्थिति रहे। फिर 15 अगस्त को ही शाम छह बजे महापौर के सानिध्य में आजादी के अमृत महोत्सव पर भारतीय सेना को जानिए कार्यक्रम आयोजित किया और 6:30 बजे भंवरताल के कल्चरल स्ट्रीट पर नगर निगम द्वारा विजय पर्व आयोजित किया गया, जिसमें निगमायुक्त द्वारा नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई। इन दोनों कार्यक्रमों के चक्कर में 80 कर्मचारी विजय पर्व कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए तो इसे अनुशासन हीनता मानते हुए निगमायुक्त स्वप्निल वानखडे के निर्देश पर सभी 80 कर्मचारियों को तीन-तीन दिन का वेतन काट लिया गया।

वेतन वापसी की मांग

संघ के राकेश समुंद्रे, मुकेश रजक, हरनारायण पटेल, बसंत पटेल आदि ने निगमायुक्त से कर्मचारियों को वेतन वापस किए जाने के आदेश जारी करने की मांग की है। ये चेतावनी भी दी है कि तीन दिनों के अंदर समस्त अधिकारियों कर्मचारी का वेतन वापसी का आदेश नहीं हुए तो कर्मचारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.