ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

आरटीओ एजेंट की हत्या मामले में 21 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, स्वजन सड़क पर उतरने को तैयार

भोपाल, स्टेशन बजरिया इलाके में आरटीओ एजेंट गौरव शाक्य की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में पुलिस के 21 दिन बाद भी हाथ खाली हैं। 8 आरोपितों में से पुलिस एक भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर पाई। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली गई पुलिस टीम खाली हाथ लौटकर आ चुकी है। बताया गया है कि अब दूसरे राज्य की लोकेशन मिली है, जहां टीम रवाना की जा रही है। जबकि मृतक के स्वजन अब पुलिस की सुस्त कार्रवाई को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की तैयारी करने की बात कह रहे हैं। इधर, आरोपितों को संरक्षण व पनाह देने वालों लोगों पर पुलिस की नजर है।

होटल में भोजन के आर्डर को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक चांदबड़ स्टेशन बजरिया निवासी गौरव शाक्य (24) आरटीओ में एजेंट था। गत 14-15 अगस्त की देर रात करीब एक बजे वह करोंद में बन रही गणेश प्रतिमा को देखने के बाद दोस्त ध्रुव के साथ लौट रहा था। दोनों खाना खाने के लिए मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के सामने होटल में रुके। यहां बगल की टेबल पर कुछ लड़के खाना खा रहे थे। गौरव ने उनकी टेबल पर आर्डर लगा रहे वेटर को आर्डर लेने को कहा। इस पर बदमाश यश अग्रवाल भड़क उठा। उसने गौरव के साथ गाली-गलौच कर दी। गौरव ने विरोध किया तो यश, ऋतिक बाथम, राजा उर्फ अभिषेक सिंह, शेरू उर्फ राहुल, विकास सिंह, विपिन दुबे, सौरभ कुशवाह व एक अन्य ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जान-बचाकर गौरव और ध्रुव होटल के बाहर भागे। बाहर आरोपितों ने गौरव को घेर कर पकड़ लिया। इसके बाद यश अग्रवाल ने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद से सभी आरोपित फरार हैं। इसमें मुख्य आरोपित यश और ऋतिक हैं, जिनका आपराधिक रिकार्ड है।

पुलिस के दावे खोखले

इधर, मृतक के स्वजनों का कहना है कि घटना के अगले दिन जब आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया जा रहा था, तो पुलिस ने चक्काजाम खुलवाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन वह अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.