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पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति में इस वर्ष 22 करोड़ का प्रावधान

इंदौर। प्रदेश के प्रतिभावान पिछड़ा वर्ग के युवा उच्च शिक्षा हासिल कर सके इसलिए विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ ही विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके लिए इस वर्ष विभागीय बजट में 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना में प्रतिवर्ष पिछड़ा वर्ग के 50 चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति दी जाती हैं।

वर्तमान में हर युवा की इच्छा रहती है कि वह विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा हासिल कर सकें, परंतु पारिवारिक परिस्थिति और धन के अभाव के कारण सभी के लिए यह संभव नहीं हो पाता है। ऐसे होनहार युवाओं को सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की सुविधा देकर विदेश अध्ययन का अवसर प्रदान किया जाता है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को विदेशों में उच्च अध्ययन के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति संचालित की जा रही है।

इसके लिए विभाग इस वर्ष विभागीय बजट में 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रतिवर्ष पिछड़ा वर्ग के 50 चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, पीएचडी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति का प्रावधान है। पिछले वर्ष 8 करोड़ रुपये इस मद में व्यय किए गए थे। इस वर्ष 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं। इस छात्रवृत्ति का लाभ युवा मुख्य रूप से ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया सहित यूरोपीय देशों में अध्ययन के लिए लेते हैं।

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