ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

डा. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी छात्रावास में छात्रों व वार्डन के बीच गणेश प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद

सागर। डा. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रावास में गणेश उत्सव की तैयारी कर रहे छात्रों व वार्डन के बीच प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद की स्थिति बनी। सोमवार की शाम विद्यार्थी गणेश प्रतिमा लेकर छात्रावास पहुंचे, जहां चीफ वार्डन ने उन्हें छात्रावास में प्रवेश ही नहीं करने दिया।

इसके बाद छात्र गणेश प्रतिमा को छात्रावास के बाहर ही रखकर रातभर वहीं सोते रहे। बुधवार को मायूस छात्रों ने हास्टल के बाहर ही गणेश प्रतिमा को रखकर उसकी स्थापना कराई। छात्रवासियों का कहना था कि टैगोर छात्रावास विवेकानंद छात्रावास रमन छात्रावास सहित सभी छात्रवासियों ने टैगोर हास्टल में गणेश उत्सव मनाने का निर्णय लिया था।

इसके लिए उन्होंने अपने स्तर से तैयारी करके अपने-अपने छात्रावास हास्टल के वार्डन से गणेश उत्सव की सैद्धांतिक अनुमति ली। इसके बाद सोमवार की शाम को जब वह शहर से गणेश प्रतिमा लेकर टैगोर छात्रावास पहुंचे तो चीफ वार्डन डा. राजेश गौतम ने उन्हें छात्रावास में प्रतिमा रखने से मना कर दिया।

हास्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने चीफ वार्डन डा. राजेश गौतम से भी बात की। उन्होंने कहा कि कुलपति द्वारा पिछले दिनों विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार की कर धार्मिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया था। इसी के चलते छात्रावास में गणेश उत्सव नहीं मानने दिया जाएगा।

छात्रों ने बताया कि गणेश उत्सव एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक परंपरा है जो वर्षों से चली आ रही है। विश्वविद्यालय के तथा धर्म विरोधी प्रोफेसर इस परंपरा को तोड़ना चाहते हैं। छात्रावास में गणेश प्रतिमा का प्रबंध निषेध करने की जानकारी लगने के बाद हिंदूवादी संगठन भी वहां पहुंचे। इस संबंंध में विश्वविद्यालय के पीआरओ विवेक जायसवाल का कहना है कि इस आशय की जानकारी मिली है। कुलपति को अवगत कराया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.