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ट्रेनों के रद्द होने से फंसे मजदूर, दो दिनों से प्लेटफार्म पर जमाया डेरा

कटनी। एनकेजे के पास रेलवे के लाइनों पर चल रहे काम के दौरान चार अक्टूबर तक कई गाड़ियों को निरस्त किया गया है तो वहीं कुछ का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके अलावा पैसेंजर गाड़ियों को शार्ट टर्मिनेट किया गया है। इसके चलते बीना, गंजबसौदा, विदिशा की ओर कटाई करने को जाने वाले सैकड़ों मजदूर पिछले दो-तीन दिन से परेशान हैं।

प्लेटफार्म में मजदूरों ने दो दिनों से डेरा जमाया

एकमात्र मेमो गाड़ी होने व अन्य पैसेंजर गाड़ी व विध्यांचल एक्सप्रेस के रद्द होने से मजदूर कटनी में आकर फंस गए हैं और आगे जाने के लिए एक गाड़ी के गुजर जाने के बाद दूसरे दिन तक इंतजार करना पड़ा है। मुड़वारा स्टेशन में प्लेटफार्म में जहां मजदूरों ने दो दिनों से डेरा जमाया है तो वहीं प्रतीक्षालय, गैलरी तक में पैर रखने की जगह नहीं है। इतना ही नहीं परिसर के बाहर पेड़ों के नीचे बैठकर वहीं खाना बनाते हुए मजदूर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे हैं।

पैसेंजर गाड़ी का इंतजार करते मजदूर

रविवार की दोपहर को मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही मेमो ट्रेन यात्रियों से भर गई और दरवाजे तक मजदूर लटककर मजबूरी में रवाना हुए। मजदूरों ने ट्रेन चलते तक उसमें चढ़ने का प्रयास किया। जो लोग बाकी रह गए, वे अगली पैसेंजर गाड़ी का इंतजार करते प्लेटफार्म में ही जमे रहे।

उमरिया जिले के भरेवा गांव निवासी कंधई कोल, कुलुआ कोल व संदीप कोल ने बताया कि वे शनिवार से स्टेशन में रूके हैं। आते ही मेमो गाड़ी भर जाती है और चढ़ने का प्रयास किया तो बच्चों के गिरने की स्थिति बनने के कारण वे उतर आए। मजदूरों ने बताया कि वे और उनके साथ अन्य लोग पिछले दो दिन से स्टेशन में गंजबसौदा जाने को परेशान हैं। मजूदरों ने बताया कि रविवार को एक और पैसेंजर गाड़ी चलाने की बात कही गई थी लेकिन दोपहर बाद तक कोई गाड़ी नहीं आई।

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