ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कनाडा विवाद में भारत को मिला श्रीलंका का साथ, पढ़िए क्या कहा पड़ोसी देश ने

नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच जारी विवाद में श्रीलंका का रुख सामने आ गया है। श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने इस मामले में भारत का साथ दिया है। अली साबरी ने कहा कि कनाडा ने भारत के खिलाफ बिना सबूत आरोप लगाए हैं।

विदेश मंत्री ने समाचार एजेंसी ANI से चर्चा में कहा, “कनाडा, भारत विरोधी आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बिना सबूत भारत पर आरोप लगाए हैं। ऐसा करना उनकी आदत बन गया है।”

भारत ने कनाडा को दिया सही जवाब: निवर्तमान राजदूत

इस बीच, भारत में निवर्तमान श्रीलंकाई उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने कहा है कि कनाडा के आरोपों पर भारत की प्रतिक्रिया दृढ़ और दो टूक रही है और कोलंबो इस मामले पर नई दिल्ली का समर्थन करता है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीलंका के लोगों को आतंकवाद के कारण नुकसान हुआ है और उनका देश आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस रखता है।

भारत के खिलाफ कनाडा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भारत की प्रतिक्रिया बिल्कुल सटीक रही है। हम इस मामले में भारत का समर्थन करते हैं। मैं 60 साल का हूं, अपने जीवन के 40 साल, हमने श्रीलंका में आतंकवाद के विभिन्न रूपों का सामना करते हुए बिताए हैं। मैंने आतंकवाद के कारण कई दोस्तों और सहयोगियों को खो दिया है। किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन नहीं किया जा सकता है। ”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.