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सीहोर जिले ने पहले ही चुनाव में महिलाओं को सौंपी थी सत्ता की चाबी

सीहोर। हाल ही में नारी शक्ति वंदन विधेयक लोकसभा, राज्य विधानसभा से पारित होने के बाद महिला आरक्षण की बात हो रही है। सीहोर एक ऐसा क्षेत्र रहा है जो महिलाओं को मौका देने में कभी पीछे नहीं रहा। पहले ही विधानसभा चुनाव में यहां की जनता ने महिला को चुनकर सदन में भेजा था जो शिक्षा मंत्री बनाई गई थीं।

वर्ष 1952 में हुआ सीहोर जिले में पहला चुनाव

सीहोर जिले में पहला चुनाव वर्ष 1952 में हुआ। यह चुनाव भोपाल स्टेट में हुआ। दरअसल भोपाल 15 अगस्त 1947 को आजाद नहीं हुआ। इस राज्य को आजादी एक जून 1949 को मिली। आजादी मिलने के बाद इसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक मुख्य आयुक्त द्वारा शासित राज्य घोषित किया गया था।

मप्र में 1951 में पहली बार चुनाव हुए। जिसमें भोपाल स्टेट के चुनाव भी हुए। भाेपाल स्टेट में पहली बार चुनाव 27 मार्च 1952 में हुए। भोपाल स्टेट होने के बाद भी भोपाल शहर सीहोर जिले में आता था और सीहोर जिले का दायरा तब बहुत बड़ा था।

इसके अलावा भोपाल स्टेट का एक जिला रायसेन भी था। भोपाल स्टेट में तब 23 विधानसभा सीटों पर चुनाव आयोजित हुए। इनमें वर्तमान सीहार जिले की सात विस सीट शामिल थीं। साथ ही सीहोर श्यामपुर और आष्टा विस सीट पर दो-दो विधायक थे। स्टेट की 23 विस में 91 प्रत्याशी चुनाव में उतरे।

सीहोर और बैरागढ़ पर महिलाओं को जनता ने चुना

तत्कालीन सीहोर जिले की सीमा क्षेत्र में ही भोपाल जिले की बैरसिया सीट भी शामिल थी। इस पहले चुनाव में 23 सीटों में से दो सीटों सीहोर और बैरागढ़ पर महिलाओं को जनता ने चुना और कमान सौंपी थी। जिसमें बैरागढ़ से लीला बाई और कोठरी से मैमूना सुल्तान को चुना गया। जिन्हें स्टेट का शिक्षा मंत्री बनाया गया और बाद में वह दो बार सांसद भी रहीं।

वर्ष 1957 में 36 में 15 महिलाएं जीतीं

मध्यप्रदेश पुनर्गठन के बाद 1957 में पहला चुनाव हुआ जिसमें प्रदेश भर से 36 महिलाओं ने चुनाव लड़ा और 15 की जीत हुई। इसमें सीहोर जिले का बुदनी विधान सभा क्षेत्र जो वर्तमान में प्रदेश के मुख्यमंत्री के शिवराज सिंह चौहान का विधानसभा क्षेत्र है, इस पर भी पहली बार महिला को मौक दिया गया। बुदनी की जनता ने अपने क्षेत्र से सीता बाई को चुना। इसके बाद जिले की सीहोर विधान सभा क्षेत्र की जनता ने सविता वाजपेजी को चुना। जनता ने सविता वाजपेयी के सामने मैदान में उतरे पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को हराया था।

जिले ने कब-कम महिलाओं को दिया मौका

1952- मैमूना सुल्तान

– विधानसभा क्षेत्र – कोठरी

1957- सीता बाई

– विधानसभा क्षेत्र-बुदनी

1977- सविता वाजपेयी

– विधानसभा क्षेत्र-सीहोर

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