भभुआ सदर अस्पताल में एक बड़ी लापरवाहीआई सामने ,घण्टो इंतज़ार के बाद गर्भवती महिला का हुआ इलाज
इस समय ज़िले के सदर अस्पताल भभुआ से एक बड़ी लपरवाही सामने आई है।डॉक्टर के अभाव में करीब चार घण्टे तक खड़ी रही गर्भवती महिला , घण्टो इंतज़ार के बाद भी नही आए डॉक्टर,महिला की स्थिति चिंताजनक होने पर परिजन ले गए निजी क्लिनिक में इलाज केलिए जहां उसका ख़बर लिखे जाने तक इलाज चल रहा है। इतनी बड़ी घोर लापरवाही भभुआ सदर अस्पताल तथा ज़िले के अन्य अस्पताल के लिए कोई बड़ी बात नही है। इससे पूर्व भी सदर अस्पताल अपने कई कारनामो को ले कर चर्चा में रहा है। हाल ही में कुदरा स्वास्थ केंद्र में समय पर डॉक्टर के न पहुँचने तथा इलाज के अभाव में चिलबिली निवासी एक टेंट मज़दूर की मौत हो गई थी,वही इसी सप्ताह चैनपुर में भी एक घटना घटी ,जहां डिलेवरी के लिए आई एक महिला के नवजात को ही गायब कर दिया गया था।अभी ये सारी घटना चर्चा का विषय बना ही था कि फिर भभुआ सदर अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है।जानकारी के अनुसार ज़िले के दुर्गावती निवासी बलजीत कुमार अपनी गर्भवती पत्नी प्रियंका कुमारी को डिलेवरी के लिए भभुआ स्थित सदर अस्पताल प्रातः 8 बजे ले कर आए थे, उस समय काउंटर पर इलाज और ऑपरेशन के नाम पर रोगी के पति से 3500 रुपए भी बतौर फीस जमा करा लिया गया लेकिन 8 बजे प्रातः से ले कर दोपहर डेढ बजे तक गर्भवती महिला को देखने कोई नही आया,घण्टो तक खड़ी महिला चिकित्सक के नाम पर तड़पती और कराहती रही ,अंततः डॉक्टर को आता न देख परिजन मजबूरीवश निजी क्लिनिक में ले गए।इस संबंध में गर्भवती महिला के पति बलजीत सिंह ने बताया कि हम अपनी पत्नी प्रियंका कुमारी को प्रातः 8 बजे ही ले कर आ गए थे।घण्टो बीत जाने के बाद भी कोई भी डॉक्टर नही मिला ,थक हार कर निजी क्लिनिक में ले जा रहे है।इस संबंध में जब मीडियाकर्मियों ने सदर अस्पताल के डीएस डॉक्टर विनोद कुमार से जानकारी ली तो उन्होंने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी मुझे प्राप्त हुई हैं, पूरी घटना की जानकारी ली गई तो पता चला कि उक्त रोगी प्रातः 9 :30 बजे के करीब अस्पताल आया था,आधे घण्टे के बाद डकटर मीणा पाठक द्वारा गर्भवती की जांच भी की गई,डॉक्टर द्वारा बताया गया कि ऑपेरशन द्वारा डिलेवरी होनी है,जिस पर परिजन रोगी को ले कर चले गए,परिजन नार्मल रूप से डिलेवरी चाह रहे थे।जिस पर परिजन रोगी को बाहर ले गए।आज के दिन ओटी पर ऑन काल डॉक्टर की ड्यूटी है।डॉक्टर भी घर पर चले गए इस बीच रोगी पुनः वापस आ गए,काल पर डॉक्टर को बुलाया गया,रोगी को ओटी में भर्ती कराया गया लेकिन देरी की बात कह कर रोगी अपने आप बाहर चला गया फिर आधे घण्टे के बाद वापस आए जहां ऑपरेशन सफल रूप से किया गया।