ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

सीए की पढ़ाई, 10 लाख सालाना पैकेज, 29 की उम्र में बन गए जैन मुनि, कहलाएंगे सुमित क्षुल्लक मंथनसागर महाराज

ग्वालियर    मल्टी नेशनल कंपनी इंदौर में चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमित जैन ने अब वैराग्य मार्ग अपना लिया है। गुना के रहने वाले सुमित ने कुंडलपुर में दीक्षा ली। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। दीक्षा लेने के बाद अब सुमित क्षुल्लक मंथनसागर महाराज कहे जाएंगे।

मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब

29 वर्षीय सुमित जैन गुना के रहने वाले गल्ला व्यापारी सुरेश चंद्र जैन के बेटे हैं। पिता ने बताया कि सुमित जैन ने गुना जिले में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद इंदौर से सीए की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद उनकी एक मल्टीनेशन कंपनी में जॉब लग गई थी। यहां पर उनकी सैलरी 10 लाख रुपए सालाना थी। इंदौर में काम करने के दौरान वह आचार्यश्री के सान्निध्य में आ गए।

2018 में लिया था ब्रह्मचर्य व्रत

साल 2018 में ही उन्होंने ब्रह्मचर्य का व्रत ले लिया था। इसके बाद कुंडलपुर तीर्थ पर आचार्य विद्यासागर महाराज के सान्निध्य में चल रहे पंचकल्याणक महामहोत्सव में उन्हें क्षुल्लक दीक्षा दी। दीक्षा के पूर्व दीक्षार्थियों की बिनौली, बारात आदि के कार्यक्रम हुए।आचार्य ने दीक्षार्थियों का क्षुल्लक नामकरण किया। इस मौके पर सभी दीक्षार्थियों को कमंड, भोजन पात्र एवं शास्त्र भेंट किए गए। दीक्षा के बाद सुमित जैन का नाम क्षुल्लक मंथनसागर महाराज हुआ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.