ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

बिना छत का मंदिर, टूटी मूर्तियां, बनवाने की कोशिश करने वाले को ईश्वर की कृपा नहीं… मिलती है मौत

मंदिर या देवालय जिसका नाम सुनते ही भक्तों का सिर श्रद्धा से अपने आप झुक जाता है. भक्त मंदिरो में आस्था और विश्वास लेकर जाते हैं और अपनी-अपनी मन्नतें मांगते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक ऐसा भी मंदिर, जिसकी छत डलवाने वाले को ईश्वर की कृपा नहीं बल्कि मौत मिलती है. औरैया जिले के दिबियापुर थाना के सेहुद गांव में एक प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर का नाम धौरा नाग है. ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में छत डलवाने वाले भक्त की मौत हो जाती है. इस मंदिर में घुसते ही खंडित मूर्तियां पड़ी हुई हैं. ये मूर्तियां 11 वीं सदी में मोहम्मद गजनवी के मंदिरों के तोड़-फोड़ का प्रतीक हैं. इन मूर्तियों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंदिर कितना पुराना है? इस मंदिर की प्राचीनता की कहानी अपने आप में हैरान करने वाली है.

अपनी ओर खींचता है ये मंदिर

कमरे की तरह दिखने वाले इस मंदिर को जब ध्यान से देखते हैं तो ऐसा लगता है मानों मंदिर अपनी तरफ खींच रहा है. जब इस मंदिर में अंदर पहुचें तो वहां एक कोने में खण्डित पड़ी मूर्तियां तो हैरान करती ही हैं, सबसे ज्यादा हैरान करती है इस मंदिर में छत का न होना.

मंदिर में नहीं है छत

इस मंदिर में छत न होना अपने आप में हैरान करने वाला है. सबसे डरावना ये है कि इस मंदिर में छत डलवाने के बाद वो छत टिकती नहीं है, गिर जाती है. हैरान करने वाली बात ये है कि, जिस शख्स के द्वारा मंदिर की छत डलवाई जाती है, उसकी कुछ समय के बाद मौत हो जाती है. यह एक कहानी नहीं बल्कि हकीकत है.

इंजीनियर के घर में दो की मौत

कुछ समय पहले इसी गांव के एक इंजीनियर के साथ ऐसी घटना हुई है. इंजीनियर लखनऊ में नौकरी करता था. उसने इस मंदिर में छत डलवाने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ समय बाद ही उसके घर में दो लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही इस मंदिर की कोई भी चीज जैसे ईंट या कोई अन्य चीज अपने साथ ले गया तो उसे कुछ समय बाद वापस लौटाना पड़ा है. धौरा नाग मंदिर में सिर्फ नागपंचमी के दजिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.