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राजिम माघी पुन्नी मेला में राज्यपाल उइके ने सरस मेले का लिया भरपूर आनंद

रायपुर : राजिम माघी पुन्नी मेला में संत समागम शुभारंभ की मुख्य अतिथि राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने सरस मेले का भरपूर आनंद लिया और विभिन्न स्टालों में जाकर स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं स्थानीय कलाकारों से सहजता एवं आत्मीयता के साथ बात की। उन्होंने स्टॉल में लगे विभिन्न उत्पादों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की पराम्परागत खुमरी पहनकर फोटो भी खिंचवाई। माटीकला के स्टॉल में चॉक घुमाकर कलश बनाने में हाथ अजमाया। साथ ही बस्तर के सुप्रसिद्ध वाद्य यंत्र तुरही का वादन कर आनंद लिया। सुश्री उईके ने ग्राम नारी के कुम्हार युगल किशोर चक्रधारी द्वारा बनाये जा रहे मिट्टी के कलश देखकर बहुत ही उत्सुकता पूर्वक अपने हाथों से चॉक घुमाकर देखा। उन्होंने श्री चक्रधारी से चर्चा कर विक्रय के संबंध में जानकारी ली। श्री चक्रधारी ने बताया कि कोरोना काल में लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो गई थी। ऐसे में लोगों को हाथों से बनी सामग्री को अधिक से अधिक खरीदना चाहिए जिससे कुम्हारों को भी रोजगार मिल सकेगा। इससे स्वदेशी वस्तुओं का भी प्रचार होगा और हमारे शिल्पियों को भी रोजगार मिलेगा। राज्यपाल ने रेशम के स्टॉल में कोसा से बने वस्त्रों की खूब सराहना की। ग्राम पारागांव की कारीगर श्रीमती सोनकुंवर देवांगन द्वारा बुनी जा रही चादर का अवलोकन किया। कारीगरों से चर्चा करते हुए साड़ी बनाने में आने वाली लागत और बाजार उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। हथकरघा स्टॉल में सुश्री उईके को शॉल भेंट किया गया। सरस मेला मेें संगवारी सेल्फी जोन में राज्यपाल ने खुमरी पहनकर सेल्फी ली।

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