ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

इंदौर में फर्जी एडवाइजरी फर्म पर छापा, इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम पर हो रही ठगी

इंदौर। इंदौर की विजयनगर पुलिस ने फर्जी एडवाइजरी फर्म पर छापा मार कर संचालक चंदन पाटीदार और आरिफ खान को गिरफ्तार किया है। आरोपित इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से ग्राहकों का डेटा निकाल कर निवेशकों को ठगते थे। पुलिस सेबी, आयकर और ईडी जैसी जांच एजेंसियों की भी मदद ले रही है।

डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक फरियादी मंजीत जोगीराम शर्मा निवासी पिलनी कैथल (हरियाणा) की शिकायत पर फर्जी एडवाइजरी फर्म स्टार एल्गो रिसर्च के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने गुरुवार रात एमआर-9 स्थित चंद्रनगर में कंपनी के दफ्तर में छापा मारा तो 120 से ज्यादा युवक-युवतियां मिले।

आरोपित कॉल सेंटर की तर्ज पर निवेशकों को ठग रहे थे। पुलिस ने सभी के कथन लिए और संचालक चंदन व आरिफ को गिरफ्तारी कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया फर्जीवाड़े की नींव एल्गो ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर टिकी थी। डिजिटल मार्केटिंग करने वालों से डेटा खरीद कर कर्मचारियों से कॉल लगवाए जाते थे।

एसीपी कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक आरोपित संगठित गिरोह की तर्ज पर अपराध कर रहे हैं। पुलिस को अभी तक 7 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल चुकी है। मामले में आयकर, सेबी और ईडी को भी सूचना भेजी जा रही है। साफ्टवेयर बनाने वाले दलाल और इंजीनियर भी जांच की जद में आ गए हैं। गिरोह से जुड़े कुछ लोग सीबीआइ के राडार पर भी हैं।

पुलिस को जानकारी मिली कि ज्यादातर एडवाइजरी फर्म संचालक अभिषेक और प्रियंक के संपर्क में हैं। लाखों रुपये में सॉफ्टवेयर खरीदते हैं। धोखाधड़ी के आरोपितों से जुड़े दोनों व्यक्ति फर्जी एसएमएस भी वायरल करवाकर ट्राई के नियमों का उल्लंघन करते हैं। एडनोमिस्ट और केप विजन नामक कंपनियां भी धोखाधड़ी में शामिल हैं।

नंबर भी ब्लॉक कर देते थे

फर्जी एडवाइजरी फर्म श्रीटेक इंटरप्राइजेस और जेआर एसोसिएट के संचालक सुशील पटेल और सचिन बिरला से एमआइजी पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपित सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट की सहायता से बनवाए अकाउंट ने आवेदक को फर्जी उतार चढ़ाव दिखाई देते थे। आखिर में आरोपित का अकाउंट डिलिट कर नंबर ब्लॉक कर देते थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.