ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

‘बात सीट की नहीं, ये त्याग का समय’, अखिलेश यादव ने हरियाणा चुनाव में इंडिया गठबंधन पर दिया बड़ा बयान

हरियाणा के चुनावी रण में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी सीधे मैदान में उतरने की बजाय इंडिया गठबंधन को सहयोग करेगी. खुद सपा सुप्रीमो ने इसकी घोषणा की है. अखिलेश ने कहा है कि चुनाव में सीट से ज्यादा जीत जरूरी है और इसलिए हम यह त्याग कर रहे हैं. सपा सुप्रीमो ने यह ऐलान ऐसे वक्त में किया है, जब हरियाणा में कांग्रेस पार्टी सीट शेयरिंग को लेकर सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है.

10 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थी सपा

हरियाणा विधानसभा की 90 में से कम से कम 10 सीटों पर सपा चुनाव लड़ने की तैयारी में थी. पार्टी ने इसके लिए कांग्रेस से भी संपर्क साधा था. 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 37 सीटों पर जीत के बाद से ही सपा अन्य राज्यों में पांव पसारने में जुटी है.

अन्य राज्यों में विस्तार के जरिए समाजवादी पार्टी की नजर राष्ट्रीय दर्जा हासिल करने पर है.

अखिलेश बोले- सीट नहीं जीत ज्यादा जरूरी

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पोस्ट कर लिखा है कि हरियाणा चुनाव में इंडिया गठबंधन की एकजुटता नया इतिहास लिखने में सक्षम है. हमने कई बार कहा है और एक बार फिर दोहरा रहे हैं और आगे भी दोहराएंगे कि बात सीट की नहीं जीत की है.

अखिलेश ने आगे कहा हरियाणा के विकास व सौहार्द की विरोधी भाजपा की नकारात्मक, साम्प्रदायिक, विभाजनकारी राजनीति को हराने में इंडिया गठबंधन की जो भी पार्टी सक्षम होगी, हम उसके साथ अपने संगठन और समर्थकों की शक्ति को जोड़ देंगे.

सपा सुप्रीमो के मुताबिक हरियाणा चुनाव में बात दो-चार सीटों पर प्रत्याशी उतारने की नहीं है. बात तो जनता के दुख-दर्द को समझते हुए उनको भाजपा की जोड़-तोड़ की भ्रष्टाचारी सियासत से मुक्ति दिलाने की है. साथ ही हरियाणा के सच्चे विकास और जनता के कल्याण की है. पिछले 10 सालों में भाजपा ने हरियाणा के विकास को बीसों साल पीछे ढकेल दिया है.

विपक्षी दलों के लिए यह त्याग का वक्त है

अखिलेश यादव ने सहयोगी पार्टियों को नसीहत देते हुए कहा कि ये समय अपनी राजनीतिक संभावना तलाशने का नहीं है बल्कि त्याग और बलिदान का है. जनहित के परमार्थ मार्ग पर स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं होती. कुटिल और स्वार्थी लोग कभी भी इतिहास में अपना नाम दर्ज नहीं करा सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा ऐसे लोगों की राजनीति को हराने के लिए ये क्षण, अपने से ऊपर उठने का ऐतिहासिक अवसर है. हम हरियाणा के हित के लिए बड़े दिल से, हर त्याग-परित्याग के लिए तैयार हैं.

हुड्डा ने कहा था- अखिलेश को सीट नहीं देंगे

पिछले हफ्ते कांग्रेस के कद्दावर नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा ने कहा था कि सपा इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं है, इसलिए उसे सीट देने की कोई बात ही नहीं है. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने राज्य इकाई को सहयोगी दलों को साथ लेने का आदेश दिया, जिसके बाद पार्टी सपा और आप जैसे दलों से सीट शेयरिंग पर बात शुरू की.

कहा जा रहा है कि हरियाणा में समाजवादी पार्टी को गठबंधन के तहत 1-2 सीट लड़ने को मिल सकती है. जल्द ही कांग्रेस की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.