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मन्नत पूरी हुई तो किसान ने बेटे को नोटों से तौला और मंदिर में दान कर दिए लाखों रुपए

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक किसान ने मन्नत पूरी होने की खुशी में अपने बेटे के वजन जितने पैसे मंदिर में दान किए हैं। बेहद अनोखा मामला जिले के बड़नगर का है जहां स्थित श्री सत्यवदी वीर तेजाजी महाराज मंदिर में एक किसान चतुर्भुज जाट ने अपनी मन्नत पूरी होने पर एक यह दान किया। किसान के इस अनोखे दान की चर्चा प्रदेश भर में हो रही है।

दरअसल, किसान चतुर्भुज जाट ने 4 साल पहले अपने 30 वर्षीय बेटे वीरेंद्र जाट के लिए श्री सत्यवदी मंदिर में मन्नत मांगी थी। जो पूरी हुई और इसकी खुशी में उसने तेजा दशमी पर यह दान किया। हालांकि किसान चतुर्भुज जाट ने क्या मन्नत मांगी थी यह स्पष्ट नहीं बताया लेकिन अपने बेटे के वजन के बराबर राशि मंदिर को दान की।

किसान के बेटे का वजन 83 किलोग्राम था। इसलिए मंदिर को दान देने के लिए करीब 10 लाख 7 हजार रुपए की राशि जुटानी पड़ी। इसके लिए मंदिर परिसर में 10-10 हजार रुपए की कई गड्डियां लाई गईं। किसान और उनके परिवार के धर्म और आस्था की एक गहरी भावना को भी दर्शाता है। किसान चतुर्भुज जाट और उनके परिवार ने इस विशेष अवसर पर अपने आस्था और विश्वास को निभाने का अनूठा तरीका अपनाया। मंदिर के पंडितों और स्थानीय लोगों ने इस दान की सराहना की इस दान से न केवल मंदिर को आर्थिक सहायता मिली, बल्कि समाज में धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का एक सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत हुआ।

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