ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

महादेव बेटिंग ऐप मामले में आरोपी सुनील दम्मानी को जमानत, लेकिन माननी होगी ये शर्त

महादेव बेटिंग स्कैंडल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी सुनील दम्मानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है. महादेव सट्टेबाजी ऐप में पीएमएलए आरोपों के संबंध में सुनील दम्मानी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये फैसला दिया.

याचिकाकर्ता के लिए वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि मेरे मुवक्किल 14 महीने से जेल में हैं. 98 गवाह हैं. मुकदमा शुरू नहीं हुआ है. वह किसी विशेष अपराध में शामिल नहीं है. सुनील को 15 दिन में ED कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर रोक रहेगी.

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि यह याचिका एक विचाराधीन आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है जिसके द्वारा उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था. अपीलकर्ता 23 अगस्त, 2023 से हिरासत में है. प्रथम दृष्टया अपीलकर्ता के खिलाफ मामला यह है कि हवाला ऑपरेटर होने के नाते उसने अपराध की आय को स्थानांतरित करने में मदद की.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा विचार है कि अपीलकर्ता को संबंधित अदालत द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा किया जा सकता है. कुछ शर्तें हमारी ओर से भी लागू की जाएंगी. हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया गया है, यदि किसी अन्य मामले में आवश्यकता नहीं है तो अपीलकर्ता को जमानत पर रिहा किया जाना आवश्यक है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.