ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

PUBG गेम ने ली 16 साल के छात्र की जान, पापा ने डांटा तो गुस्से में आकर बेटे ने खाया जहर

धमतरी  : पब्जी गेम ने एक और हंसते खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जहां पब्जी गेम के आदि बेटे को पिता ने टोका तो 16 साल के नाराज बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बेहद दुखद घटना छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के दुगली थाना क्षेत्र के ग्राम गुहार नाला गांव की है। जहां पर गुहारनाला का निवासी लोकनाथ सोरी, उम्र 16 वर्ष जो कक्षा दसवीं में पढ़ाई करता था जिसने आज जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने बताया कि छात्र लोकनाथ पब्जी गेम का आदि था दिनभर मोबाइल में पब्जी गेम खेलता रहता था। पिता ने उसे डांट दिया जिससे नाराज छात्र लोकनाथ ने गुस्से में आकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया और घर से बाहर खेत की ओर चला गया। कुछ देर बाद पुनः छात्र जब घर वापस आया तब लोकनाथ की हालत काफी खराब हो रही थी वह उल्टी करने लगा जो बंद ही नहीं हो रही थी माता-पिता ने तत्काल नजदीकी नगरी शासकीय अस्पताल में भर्ती किया। हालत ज्यादा गंभीर होने की वजह से धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया जहां पर छात्र लोकनाथ का इलाज के दौरान उसने अपना दम तोड़ दिया। बहरहाल पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्यवाही में जुट गई है

देखा जाता है कि आजकल छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल के आदी होते जा रहे हैं और आजकल कई तरह के गेम की लत बच्चों को लग चुकी है जो दिन भर बच्चे पब्जी जैसे गेम और फ्री फायर जैसे गेम के आदि होते जा रहे हैं। लगातार जिले के साथ ही कई अन्य क्षेत्रों से भी ऐसे ही घटना सामने आती है और माता-पिता जब बच्चों को गेम खेलने से मना करते हैं तो बच्चे अपने जिद में कुछ गलत कदम उठा लेते हैं। एक माता-पिता ने इस तरह के गेम  के आदि हो चुके अपने बच्चे को खो दिया। अब देखना यहां है कि इस तरह के गेम कब बंद होते हैं और माता-पिता अपने बच्चों को किस तरह से इस तरह के गेम से बचा पाते है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.