ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

बालाघाट में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा धमतरी, अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा पूरा गांव

धमतरी : मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सल मोर्चे में शहीद हुए जवान टाकेश्वर निषाद की पार्थिव देह आज छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले पहुंची। टाकेश्वर निषाद 2020 से बालाघाट में पदस्थ रहा। जो नक्सल मोर्चे पर सर्चिंग में बोलोरो गाड़ी से निकला हुआ था। बोलेरो वाहन में पांच लोग सवार थे। तभी रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया जिसमें चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि मौके पर ही धमतरी निवासी टाकेश्वर निषाद की मौत हो गई।

शहीद सीआरपीएफ जवान टाकेश्वर निषाद का पार्थिव शरीर धमतरी पहुंचा। जहां शव को जिला अस्पताल के मर्चुरी में रखा गया था। जंवरगांव के युवा जिला अस्पताल से बाइक रैली निकालकर शहिद के पार्थिव शरीर को गांव लेकर पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जवान को श्रद्धांजलि दी गई और जवान के पार्थिव शरीर को पूरे गांव में भ्रमण कराया गया।

शव के साथ बालाघाट से पहुंचे सीआरपीएफ के सातवीं बटालियन के अधिकारी व जवानों और धमतरी के जवानों के ने श्मशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी देने के बाद शहीद का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान शहीद जवान की 6 माह की बेटी और पत्नी वह परिवार वालों ने नाम आंखों से विदाई दी। वही शहीद जवान की पत्नी सहित परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो लोगों की  भीड़ उमड़ पड़ी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.