ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश बॉर्डर पर जवान की मौत, कनपटी में लगी थी गोली; अलीगढ़ के गांव में पसरा सन्नाटा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में कीलपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. इसकी वजह है… इस गांव के रहने वाले एक जवान की बांग्लादेश बॉर्डर पर संदिग्ध परिस्थितियों में कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई.पश्चिम बंगाल के मालदा जिला स्थित बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ जवान की तैनाती थी. जैसे ही जवान की मौत की सूचना घरवालों को मिली, वो दहाड़ मारकर रोने लगे.

मृतक जवान का नाम नरेंद्र सिंह है. जून 2012 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे. जवान की उम्र 30 साल बताई जा रही है. बीएसएफ जवानों की ओर से नरेंद्र का पार्थिव शरीर शनिवार को उसके गांव लाया गया. यहां गमगीन माहौल के बीच परिजन ने श्मशान घाट ले जाकर शव का अंतिम संस्कार किया.

मृतक के भाई ने बताया

वहीं मृतक के चचेरे भाई का कहना है कि नरेंद्र कभी सुसाइड नहीं कर सकता. वह कभी किसी बात को लेकर टेंशन में नहीं था. परिजन ने बीएसएफ के अधिकारियों की ओर से बेटे की मौत को लेकर कथित सुसाइड नोट लेने से इनकार कर दिया. परिजन ने इस घटना की वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग की है.

चचेरे भाई नवीन कुमार ने बताया कि नरेंद्र सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा में बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ की 164 बटालियन मैं तैनात था. जहां बांग्लादेश बॉर्डर पर ही संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने के चलते मौत हो गई. बीएसएफ के अधिकारियों ने नरेंद्र सिंह की मृत्यु का कारण सुसाइड बताया है.

परिजन की ये मांग

परिजन का कहना है कि घर में मृतक जवान की पत्नी, दो मासूम बच्चे समेत बुजुर्ग मां-बाप हैं, इनको सरकार की तरफ से फ्री चिकित्सा और शिक्षा दिया जाए. साथ ही घर के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. जवान के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा. गांव वाले नरेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगा रहे थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.