पांच राज्यों के चुनाव नतीजों से ममता की आशाओं पर पानी
कोलकाता। बंगाल में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में पहुंच बढ़ाने की कोशिशों में जुटी तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को पांच राज्यों के चुनाव नतीजे ने बड़ा झटका दिया है। तृणमूल कांग्रेस जो सपना देख रही थी कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री व पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी, पीएम नरेन्द्र मोदी का विकल्प बनेंगी, वह भाजपा की प्रचंड जीत से चकनाचूर हो गया है।
इसके पीछे एक और बड़ी वजह यह है कि अब ममता की बजाय आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का राष्ट्रीय राजनीति में कद बढ़ गया है, क्योंकि दिल्ली के बाहर पहली बार आम आदमी पार्टी पंजाब में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। ऐसे में विपक्ष के चेहरे के तौर पर ममता की राह अब और मुश्किल हो गई है। दरअसल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे बता रहे हैं कि देश की सियासत में अब चेहरों की अदला-बदली होगी। किसी दल के नेता का कद घटेगा तो किसी का बढ़ेगा। पांच राज्यों के चुनाव से पहले बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा को 2024 के आम चुनाव में हराने के लिए क्षेत्रीय दलों को एक साथ आने का आह्वान किया था।
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