इंदौर नगर निगम में वापस आने से पहले निलंबित हो गए उपायुक्त शर्मा
इंदौर । आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित जनकार्य विभाग के बेलदार मो. असलम का बहाल किए जाने के मामले को निगम प्रशासक व संभागायुक्त पवन शर्मा ने काफी गंभीरता से लिया है। असलम के मामले में प्रशासक को जो फाइल भेजी गई थी, उसमें लोकायुक्त प्रकरण का उल्लेख नहीं था।
यही वजह है कि संभागायुक्त ने विभाग के तत्कालीन अधीक्षक विलास मांजरेकर को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। हालांकि मांजरेकर 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए है। इस मामले में संभागायुक्त ने निगम उपायुक्त अरुण शर्मा व स्थापना शाखा के बाबू आबिद खान व महफूज खान को निलंबित किया गया है।
निगम उपायुक्त अरुण शर्मा को अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर उन्हें निलंबित किया गया। उपायुक्त डेढ़ माह पहले नगर पालिका धार में मुख्य नगरपालिका अधिकारी का दायित्व संभाल रहे थे। धार नगर पालिका में नए अधिकारी के नियुक्त होने के पश्चात उपायुक्त शर्मा को वहां से रिलीव किया गया था। वे इंदौर नगर निगम में नियुक्ति लेने वाले थे, उसके पहले ही संभागायुक्त ने उपायुक्त शर्मा के निलंबन का आदेश जारी किया गया।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.