ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

रिश्वत लेने के मामले में सरकारी अफसरों पर कार्रवाई, 10 अधिकारी गिरफ्तार

हरियाणा राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने फरवरी में चार मामलों में जांच करने के बाद चार गजेटेड ऑफिसर, सात नॉन गजेटेड ऑफिसर, सात अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की है। इसी के साथ विजिलेंस ब्यूरो ने दो अलग मामलों में दो गजेटेड अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के सिफारिश भी की है। ये जानकारी एक विजिलेंस अधिकारी ने दी है। विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि ब्यूरो ने फरवरी में 1 हजार से 1लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत लेने के अलग-अलग मामलों में एक गजेटेड अधिकारी के साथ 10 सरकारी अफसरों को गिरफ्तार किया है।

इसी के साथ शिकायत के आधार पर दो अन्य सरकारी ऑफिसरों के खिलाफ भष्ट्राचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद नगर निगम में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता रवि शर्मा और लेखापाल रविशंकर दोनों को 1 लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। जबकि निरीक्षक राजबीर सिंह, फरीदाबाद के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वेट एवं मेजरमेंट सेक्शन में पदस्थापित हैं। फरीदाबाद में उन्हें 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
विजिलेंस ब्यूरो ने फरवरी में तीन विशेष जांच, तकनीकी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी। इसमें तीन गजेटेड ऑफिसर, दो नॉन गजेटेड ऑफिसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और संबंधित एजेंसी से 16 लाख 84 हजार रुपये से अधिक वसूली की सिफारिश की गई थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.