प्रसिद्ध करीला मेला झंडा चढ़ने के साथ ही करीला मेला शुरू, मन्नत पूरी होने पर कराया जाता है राई नृत्य
रंगपंचमी पर मां जानकी के दरबार में लगने वाला मेला श्रद्धालुओं द्वारा झंडा चढ़ाने के साथ ही शुरू हो गया साथ ही प्रत्येक रंगपंचमी पर खुलने वाली सिद्ध गुफा के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिये खोले गए इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष द्वारा पवित्र गुफा की पूजा अर्चना की गई। और उसके बाद परम्परा अनुसार घेरा की राई भी कराई गई जिसके साथ ही मेले का शुभारंभ हो गया।
देखा जाय तो प्रत्येक वर्ष रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले इस मेलें में देश की कोने कोने से एक दिन में 20 से 25 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुँचते हैं और मन्नत मांगते हैं साथ ही जिनकी मन्नत पूरी होती हैं वह माता के दरबार में राई नृत्य कराता है।
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