ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

सोनिया गांधी को नसीहत  जी-23 के नेताओं को भाव देने से बुलंद होंगे दूसरों के हौसले: सुनील जाखड़ 

नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद से बैठक की थी और जी-23 (कांग्रेस के असंतुष्ठ नेताओं का खेमा) का पक्ष जानने की कोशिश की थी। आपको बता दें कि एस खेमे में कपिल सिब्बल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी सरीखे नेता शामिल हैं। इस बीच कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के साथ हो रही बैठकों पर बयान दिया। जाखड़ ने बुधवार को कहा कि असंतुष्टों को बहुत ज्यादा भाव देने से न केवल दूसरे असंतुष्टों के हौसले बुलंद होंगे, बल्कि इससे पार्टी कार्यकर्ता भी हतोत्साहित होंगे। जाखड़ ने ट्वीट कर कहा, ‘झुककर सलाम करने में क्या हर्ज है मगर सर इतना मत झुकाओ कि दस्तार गिर पड़े।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने सोनिया गांधी की असंतुष्ट नेताओं के साथ हो रही बैठकों से संबंधित कुछ समाचार पत्रों की कतरन भी पोस्ट की। मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद से मुलाकात के कुछ दिनों बाद मंगलवार को दिल्ली में अपने आवास पर आनंद शर्मा एवं मनीष तिवारी समेत कई असंतुष्ट गुट के नेताओं के साथ बैठक कर पार्टी के आंतरिक मुद्दों को हल करने बारे में चर्चा की थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.