जबलपुर में दो शुगर व्यापारी के नौ ठिकानों पर आयकर का छापा
जबलपुर। शहर के दो शुगर व्यापारी के नौ ठिकानों में आयकर विभाग ने सोमवार सुबह छापा मारा। आइटी विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग के लगभग 30 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों ने जबलपुर के सभी ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। आइटी टीम को कार्रवाई के दौरान आइटी के भोपाल मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिल रहे थे। इधर जैसे ही यह खबर शहर में फैली, शुगर के दूसरे व्यापारियों में यहां भी हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक सुबह लगभग आठ बजे आइटी के अधिकारी 8 से 9 वाहनों में शहर के अलग-अलग ठिकानों में खड़े थे, जैसे ही उन्हें भोपाल से निर्देश मिले, उन्होंने कटंगा, गुर्दी में शुगर कारोबारी भरत चिननानी और सुरेश हथवानी के घर, कार्यालय और गोदाम में छापे मारे। जांच के दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज मिले, जिसमें बोगस कंपनी बनाकर कर चोरी करने की बात सामने आई।
इधर आयकर विभाग ने भोपाल और नरसिंहपुर की महाकौशल शुगर मिल के संचालक नवाज रजा के ठिकानों पर दबिश दी। बताया जाता है कि नवाज रजा के साथ मिलकर शहर के दोनों व्यापारी काम कर रहे थे। इस दौरान नवाज रजा के साथ ही जबलपुर के दो शुगर व्यापारी भरत और सुरेश के यहां भी आयकर विभाग की टीम सुबह ही पहुंच गई थी।
डमी कंपनियों बनाकर की करोड़ों की हेर-फेर :
सुबह से देर शाम तक सभी ठिकानों में छानबीन चली। इस दौरान जांच टीम को मौके से कई अहम दस्तावेज, कम्प्यूटर हार्ड डिस्क से लेकर कई तोला सोना-चांदी के जेवर भी मिले हैं। इनकी खरीदी से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। बताया जाता है कि कई ऐसे दस्तावेज जांच टीम को मिले, जिसमें भरत और सुरेश ने दो नंबर पैसा एक नंबर में करने के लिए ऐसी डमी कंपनियां बनाई। इसमें कई ऐसे लोगों के नाम भी जोड़े, जो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहे। वहीं टैक्स चोरी करने से जुड़े दस्तावेजों में करोड़ों की हेरफेर भी सामने आई है। जांच टीम में आयकर विभाग के एक्सपर्ट देर रात तक जब्त किए गए दस्तावेज, बैंक डिटेल, लॉकर, कम्प्यूटर और लैपटाप को खंगालते रहे।
महाकोशल शुगर मिल के ठिकानों पर छापा :
आयकर विभाग के पांच-छह वाहनों में करीब 22 अधिकारी एक साथ बचई गांव स्थित महाकोशल शुगर मिल पहुंचे। यहां उन्होंने सुबह छह बजे ही डेरा डाल लिया। लगभग तीन घंटे बाद 9 बजे मिल के मुख्य और पिछले दरवाजे से अंदर पहुंचे और अपनी जांच की कार्रवाई शुरू कर दी। मौके से टीम ने सभी दस्तावेज, बहीखाता और कम्प्यूटर को जब्त कर जांच की। इसके बाद मिले के अकाउंट विभाग के गन्ना खरीदी के हिसाब-किताब के साथ भुगतान मिल में लगे वाहनों और शक्कर उत्पादन आदि से संबंधित दस्तावेजों को अपने.अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया। नरसिंहपुर के स्टेशनगंज क्षेत्र में भी महाकोशल शुगर मिल का कंसल्टेंसी दफ्तर है। आइटी की एक टीम यहां भी पहुंची। सूत्रों की माने तो भोपाल, नरसिंहपुर, जबलपुर समेत कारोबारी के पंद्रह ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई है। इसमें बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। टीम ने यहां से ढेरों दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पता चला है कि शक्कर कारोबारी टैक्स बचाने के लिए अपने नौकरों के नाम से इन्वाइस जारी करता था।
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