ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

हरियाणा के अस्‍थायी मान्‍यता प्राप्‍त स्कूलों के लिए हाई कोर्ट का फरमान

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को हरियाणा में साल 2003 से पहले बने स्कूलों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में छात्रों को प्रवेश देने के लिए अस्थायी मान्यता प्रदान की। ये आदेश हरियाणा स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। वहीं इससे पहले राज्य सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। स्कूल एसोसिएशन ने 24 जनवरी, 2022 के मेमो को चुनौती दी थी, जिसके तहत हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा के सभी डीसी को निर्देश जारी किया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों को 2022-2023 शैक्षणिक सत्र में छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति नहीं है।राज्य सरकार ने यह आदेश तब दिया क्योंकि स्कूलों को स्थायी मान्यता नहीं मिली थी और इसके बजाय उनकी अस्थायी मान्यता हर साल बढ़ाई जा रही थी।

हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम 2003 के लागू होने के बाद इन स्कूलों को स्थायी मान्यता नहीं मिल सकी क्योंकि वे भूमि के मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं और वे इस स्तर पर ऐसा नहीं कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने माना  कि साल 2003 से पहले की अस्थायी और स्थायी मान्यता प्रदान करने के मानदंड समान थे। अस्थायी मान्यता वाले याचिकाकर्ता संघ के सदस्यों को आगामी सत्र के लिए छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति दी जाएगी और इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.