सेबी ने नॉन-जेन्यूइन ट्रेड्स को लेकर 7 एंटिटीज पर चलाया ‘हंटर’, 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
नई दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को बीएसई पर इलिक्विड स्टॉक ऑप्शंस में गैर-वास्तविक ट्रेड्स (Non-Genuine Trades) करने को लेकर 7 एंटिटीज पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह सात अलग-अलग मामले हैं। इसीलिए, सेबी ने सात अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। आदेशों में नियामक ने विनीता अग्रवाल, अर्जुन साहू एचयूएफ, बनवारी लाल अरोड़ा एचयूएफ, प्रणिता कायन, डेजी जैन, मनीष कुमार सोनी और विनीत कुमार अग्रवाल पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी द्वारा बीएसई पर स्टॉक ऑप्शंस सेगमेंट में बड़े पैमाने पर रिवर्सल ट्रेडों को देखने के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अप्रैल 2014 से सितंबर 2015 की अवधि के लिए स्टॉक ऑप्शंस सेगमेंट में बड़े पैमाने पर रिवर्सल ट्रेडों को देखने के बाद बीएसई पर इलिक्विड स्टॉक ऑप्शंस में ट्रेडिंग गतिविधि की जांच की थी। सेबी ने कहा कि रिवर्सल ट्रेडों को प्रकृति में गैर-वास्तविक माना जाता है। यह कृत्रिम वॉल्यूम उत्पन्न करती हैं और व्यापार की झूठी या भ्रामक छवि पेश करती हैं।
सेबी ने कहा कि स्टॉक ऑप्शंस में इस तरह के ट्रेडों में लिप्त होकर, उन्होंने PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया।
सेबी के निवारण पोर्टल SCORES को मार्च में 3329 शिकायतें मिलीं
इससे अलग, सेबी द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि मार्च में शिकायत निवारण प्रणाली SCORES के माध्यम से प्राप्त कुल 4,434 शिकायतों को निपटाया गया। इन शिकायतों में पिछली अवधियों से आगे बढ़ाई गई शिकायतें भी शामिल हैं।
मार्च की शुरुआत में, कुल 2,905 शिकायतें लंबित थीं और मार्च महीने में 3,329 शिकायतें प्राप्त हुईं। ये शिकायतें धनवापसी, आवंटन, मोचन और ब्याज सहित अन्य मामलों से संबंधित थीं।
बता दें कि SCORES एक शिकायत निवारण प्रणाली है जिसे जून 2011 में लॉन्च किया गया था। यह निवेशकों को प्रतिभूति बाजार से संबंधित, कंपनियों, मध्यस्थों और बाजार अवसंरचना संस्थानों के खिलाफ सेबी में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक मंच है।
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