पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पुलिस-प्रशासन को चेतावनी
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस और प्रशासन को धमकी दी है। उन्होंने कहा- विधानसभा चुनाव में सिर्फ 16-17 महीने बचे हैं। पुलिस और प्रशासन का पूरा हिसाब लिया जाएगा। जो लोग BJP का बिल्ला जेब में रखकर काम करते हैं, ये न समझें कि हम भूल जाएंगे। BJP के दबाव में मत आइए। कमलनाथ ने ये बात भोपाल में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ता पदाधिकारी संवाद में कहीं। उन्होंने कहा कि BJP आज धर्म के आधार पर राजनीति कर रही है, कल जातियों के आधार पर राजनीति करेगी। ये हमारी आगे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। BJP के पास कहने को कुछ नहीं है- केवल पैसा, पुलिस और प्रशासन है। वे पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रहे हैं। आज हर वर्ग परेशान है, इसलिए असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा में हमने पूछा था कि बताएं 18 साल में आपने क्या किया? शिवराज सिंह जवाब नहीं दे पाए।
कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पिछड़े वर्ग में अकेले बड़ी जातियों का नहीं, बल्कि इसमें बहुत सारी छोटी-छोटी जातियों का भी पिछड़ा वर्ग है। उन पिछडे़ वर्ग की छोटी जातियों पर हमें ध्यान देना होगा। BJP का ध्यान इन छोटी जातियों पर रहता है। आप सबको इन छोटी-छोटी जातियों को भी जोड़ना पड़ेगा। छोटी जातियों के नेता मेरे पास आते हैं कि हम भी पिछड़े वर्ग में आते हैं, आपका ध्यान हमारी तरफ नहीं जाता।कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन अजय सिंह यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल मौजूद रहे।
कमलनाथ ने कहा कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जहां पिछड़े वर्ग की इतनी ज्यादा जातियां हों। मालवा में अलग जातियां हैं, निमाड़ में अलग, महाकौशल हो या बुंदेलखंड, हर क्षेत्र में अलग-अलग जातियां-बोलियां हैं। हमें क्षेत्र के अनुसार स्थानीय मुद्दों को उठाना चाहिए। मालवा के मुद्दे बुंदेलखंड में नहीं चल सकते। बाबा साहब आम्बेडकर ने इस अनेकता वाले देश को ऐसा संविधान दिया, जिससे हम एक झंडे के नीचे खड़े हैं। लेकिन, हमारा देश और संविधान गलत हाथों में जा रहा है। देश को बांटा जा रहा है। मप्र कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल ने कहा कि जो विचारधारा अंग्रेजों की दलाली करती रही और जो लोग नहीं चाहते थे कि देश आजाद हो, और इस देश का गरीब आजादी की सांस ले। आज इसी विचारधारा के हाथ में देश और प्रदेश की सत्ता है।
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