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लाल किले से औरंगजेब और सिख इतिहास की याद दिलाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली । पीएम नरेंद्र मोदी सिख पंथ के नौवें गुरु तेगबहादुर के प्रकाश पर्व के मौके पर 21 अप्रैल को लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। 400वें प्रकाश पर्व पर शबद कीर्तन के लिए 400 ही रागियों को आमंत्रित किया गया है। इसका अपना प्रतीकात्मक महत्व है। लेकिन सबसे अहम बात गुरु तेग बहादुर के प्रकाश पर्व पर लाल किले से संबोधन होना है। सिख इतिहास के जानकार मानते हैं कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रवाद, और सिख इतिहास पर एक संदेश देने का प्रयास है। लाल किले पर आयोजन का महत्व बताते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि मुगलों ने लाल किले पर गुरु तेग बहादुर को फांसी देने का आदेश दिया था। गुरु तेग बहादुर सिखों के नवें गुरु थे। उन्होंने काश्मीरी पंडितों तथा अन्य हिन्दुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया था।1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम स्वीकार करने को कहा। जिस पर गुरु तेग बहादुर ने कहा कि सीस कटा सकते हैं केश नहीं। इसके बाद औरंगजेब ने तेग बहादुर का सिर काट दिया था। गुरु तेग बहादुर को समर्पित दिल्ली के चांदनी चौक का गुरुद्वारा शीशगंज गुरुद्वारा साहिब के नाम से जाना जाता है। क्योंकि लाल किले के पास इसी जगह पर औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर का सिर काटा था।बता दें कि लाल किले की प्राचीर से भारत के प्रधानमंत्री द्वारा हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करने की प्रथा रही है। लेकिन इस बार पीएम मोदी गुरु तेग बहादुर की जयंती पर लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। इसके कई मायने हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। इसके अलावा दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को शबद कीर्तन में चार सौ रागी प्रस्तुति देंगे। गुरु तेग बहादुर के जीवन, संघर्ष और वीरता को प्रदर्शित करने वाला 15 मिनट का लाइट एंड साउंड शो भी होगा। समारोह के पहले दिन बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह स्मारक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। बुधवार को शबद कीर्तन में करीब 400 बच्चे हिस्सा लेंगे। वह लाल किले में मल्टीमीडिया शो ‘द लाइफ एंड सैक्रिफाइस ऑफ श्री गुरु तेग बहादुर जी’ का भी उद्घाटन करेंगे।कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) के सहयोग से किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमहाद्वीप और विदेशों से कई प्रमुख हस्तियां समारोह का हिस्सा होंगी। यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) के तहत आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए, संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि यह पहली बार है जब सिखों के नौवें गुरु की जयंती पर इस तरह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एकेएएम कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में उन सभी लोगों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिन्होंने अपने धर्म और भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी। भारत के प्रधानमंत्री द्वारा हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करने की प्रथा रही है। लेकिन इस बार पीएम मोदी गुरु तेग बहादुर की जयंती पर लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। इसके कई मायने हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। इसके अलावा दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को शबद कीर्तन में चार सौ रागी प्रस्तुति देंगे। गुरु तेग बहादुर के जीवन, संघर्ष और वीरता को प्रदर्शित करने वाला 15 मिनट का लाइट एंड साउंड शो भी होगा। समारोह के पहले दिन बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह स्मारक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। बुधवार को शबद कीर्तन में करीब 400 बच्चे हिस्सा लेंगे। वह लाल किले में मल्टीमीडिया शो ‘द लाइफ एंड सैक्रिफाइस ऑफ श्री गुरु तेग बहादुर जी’ का भी उद्घाटन करेंगे।

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