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अपनी सरकार के समय इन बिजली समझौतों को रदद क्यों नहीं किया सिद्धू ने : सीएम भगवंत मान 

चंडीगढ़ । सिद्धू पहले कांग्रेस हाईकमान से अपने गुट को मान्यता दिलवा लें। सीएम मान ने कहा कि सिद्धू के मनमाने कामकाज पर प्रदेश कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने भी उनकी निंदा कर कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का धरना ही नहीं था। दरअसल सिद्धू गुट राजपुरा में बिजली समझौतों का विरोध कर रहा था और इसके लिए आप को जिम्मेदार ठहरा रहा था। मुख्यमंत्री ने सिद्धू से पूछा कि जब उन्हें बिजली मंत्री बनाया गया था, तब उन्होंने पद क्यों नहीं संभाला था। वह इन बिजली समझौतों को आसानी के साथ रद्द कर सकते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार जल्दी ही पंजाब विधानसभा में इन समझौतों को रद्द कर देगी, लेकिन बदकिस्मती से सिद्धू इस ऐतिहासिक फैसले का गवाह बनने के लिए सदन में मौजूद नहीं रहने वाले है। पंजाब की खो चुकी शान को फिर जीवित करने के लिए अपनी सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराते हुए भगवंत मान ने कहा कि हम सभी को पंजाबी होने के नाते पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाना चाहिए।
मान ने कहा कि आप सरकार पंजाब के सर्व पक्षीय विकास और इसके निवासियों की भलाई को धरातल पर उतारने के लिए देश के अंदर से ही नहीं बल्कि विश्व भर के किसी भी सार्थक विकास मॉडल को लागू करने की पूरी कोशिश करेगी। विधायक प्रताप सिंह बाजवा को आड़े हाथों लेकर मुख्यमंत्री ने उन्हें राजनैतिक फायदे के लिए बेबुनियाद दोष लगाने से गुरेज करने के लिए कहा और उन्हें वह समय याद दिलाया जब उनकी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अपने विदेशी मेहमान के कहने पर मुख्य सचिव, डीजीपी जैसे सर्वोच्च अधिकारियों और उच्च अधिकारियों की तैनातियों और तबादलों के हुक्म दे रहे थे।

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