ज्ञानवापी विवाद में जो भी लीगल रेमेडी होगी उसका प्रयोग करेंगे
वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी की अदालत के आदेश पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने दावा किया कि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी। कोर्ट के आदेश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि जज का फैसला गलत है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े देश में तमाशा कर रहे हैं। देश आस्था से नहीं बल्कि संविधान से चलेगा।मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव ने कहा कि फैसला न्यायसंगत नहीं है. इस मामले में जो भी लीगल रेमेडी होगी वह उसका प्रयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे. जब उनसे पूछा गया कि सिर्फ चार दिन का वक्त है तो अधिवक्ता अभयनाथ यादव ने कहा कि चुनौती के लिए एक सेकंड का वक्त भी बहुत होता है. अदालत का आदेश सम्मान और बाध्यकारी होता है, लेकिन हम इसको चैलेंज करेंगे. उधर नवनियुक्त सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह ने कहा कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समय में सभी का सहयोग लेकर सर्वे कराएंगे। पूर्व कोर्ट कमिश्नर के साथ नियुक्त किए गए दूसरे कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने कहा निष्पक्ष और भेदभाव रहित सर्वे करेंगे।
चाहे ताला खोलें या फिर तोड़ें, मस्जिद के चप्पे चप्पे की वीडियोग्राफी की जाये
इस बीच जानकारी मिल रही है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का काम 14 मई की सुबह 8 बजे से शुरू होगा. आज जुमा होने की वजह से पुलिस प्रशासन और कोर्ट कमिश्नरों ने यह फैसला लिया. इससे पहले सिविल कोर्ट के जज रवि दिवाकर ने अपने तीन पेज के आदेश में कहा कि चाहे ताला खोलें या फिर तोड़ें, मस्जिद के चप्पे चप्पे की वीडियोग्राफी की जाये। अगर इस आदेश में कोई अवरोध खड़ा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
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