इंटेलिजंस की गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा इंदौर में 89 मिली सिमी सदस्यों की संख्या
जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद सक्रिय हुई इंटेलिजेंस सिमी सदस्यों पर नजर रख रही है। इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी विंग ने 39 सिमी कार्यकर्ताओं से दोबारा पूछताछ की है, जिन पर विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज है। जांच में पता चला कि सिमी का एक सक्रिय सदस्य लापता है, एक की मौत हो गई और एक शहर छोड़ चुका है। कुछ लोगों पर ऐसे संगठन से जुड़ने का अंदेशा जताया गया है, जो प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन उसकी गतिविधि संदिग्ध है। स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) के सदस्य इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) से जुड़कर बम धमाकों की ट्रेनिंग ले चुके हैं।
हाल ही में भोपाल में आतंकविरोधी दस्ते (एटीएस) ने जेएमबी के सदस्यों को गिरफ्तार किया तो सिमी सदस्यों की पड़ताल शुरू हुई । डीसीपी (आसूचना एवं सुरक्षा) रजत सकलेचा और एडीसीपी अमरेंद्रसिंह की टीम ने थानों के माध्यम से गोपनीय जांच करवाई तो पता चला शहर में 89 सिमी सदस्य हैं, जिन पर विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज है। नयापुरा में रहने वाला रज्जाक लापता है, जिसकी एमजी रोड थाने में गुमशुगदी दर्ज है। एक सिमी सदस्य की मौत हो चुकी, जबकि एक शहर छोड़ चुका है। बम धमाकों के संदेह में रज्जाक का नार्को टेस्ट भी हो चुका है। डीसीपी के मुताविक नए सिरे से हुई जांच में वर्तमान स्थिति, रोजगार, रिश्तेदारों की जानकारी और मोबाइल नंबर भी अपडेट किए गए हैं। कुछ लोग सफदर नागौरी (सीरियल ब्लास्ट का आरोपित) के साथ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहें हैं, लेकिन अब परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं।
खजराना में तादात ज्यादा
यूं तो शहर में 89 सिमी सदस्य हैं। खजराना थाने में 34 लोगों पर विधि विरुद्ध क्रियाकलाप के प्रकरण दर्ज हैं। छोटी ग्वालटोली थाना में भी 15 लोगों पर केस दर्ज हैं, जिसमें ज्यादातर नागौरी और आमिल परवेज के साथ अलमाती मार्च में शामिल रहे हैं। इसी तरह एमजी रोड, जूनी इंदौर, सदर बाजार और जूनी इंदौर में भी कई सिमी सदस्य पाए गए हैं।
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