ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

भारत की इकलौती ट्रेन जिसमें नहीं लगता किराया, 73 साल से फ्री में यात्रा कर रहे लोग

Indian Railways: देश में लाखों लोग हर दिन रेल से सफर करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ट्रेन ऐसी भी है जिनमें सफर करने के लिए आपको किराया नहीं देना पड़ता है. आइए बताते हैं इस खास ट्रेन के बारे में.

ये स्पेशल ट्रेन हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बॉर्डर पर चलती है. अगर आपको भाखड़ा नागल बांध देखने जाना है तो आप भी फ्री में इस ट्रेन से सफर का आनंद ले सकते हैं

इस ट्रेन में नहीं लगता है किराया

दरअसल, ये ट्रेन नागल से भाखड़ा बांध के बीच चलती है. इस ट्रेन से कुल 25 गांवों के लोग पिछले करीब 73 साल से फ्री में यात्रा कर रहे हैं. अब आप यह जरूर जानना चाहेंगे कि ऐसा कैसे संभव है. आइए जानते हैं कि रेलवे इसकी इजाजत कैसे देता है?

गौरतलब है कि इस ट्रेन को लोगों को भागड़ा डैम की जानकारी देने के लिए चलाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को ये बताया जाए कि इस डैम को बनाने में किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इसका संचालन भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड करता है. आपको बता दें कि पहाड़ों को तोड़ कर इस रेलवे ट्रैक को बनाया गया था.

73 साल से लोग कर रहे फ्री सफर

आपको बता दें इस ट्रेन को 1949 में चलाया गया था और पिछले 73 साल से लोग इससे फ्री में यात्रा कर रहे हैं. इस ट्रेन के जरिए 25 गांव के 300 लोग रोजाना सफर करते हैं. इस ट्रेन का सबसे ज्यादा फायदा छात्रों को होता है. ट्रेन नंगल से डैम तक चलती है और दिन में दो बार सफर तय करती है. इसमें कोई टीटीई मिलेगा. डीजल इंजन से चलने वाली इस ट्रेन में एक दिन में 50 लीटर डीजल की खपत होती है. जब एक बार इस ट्रेन का इंजन स्टार्ट हो जाता है तो भाखड़ा से वापस आने के बाद ही बंद होता है.

कितने बजे चलती है ये ट्रेन?

ये हास ट्रेन सुबह 7:05 पर नंगल से चलती है और लगभग 8:20 पर ये ट्रेन भाखड़ा से वापस नंगल की ओर आती है. इसके बाद, दोपहर में एक बार फिर 3:05 पर ये नंगल से चलती है और शाम 4:20 पर ये भाखड़ा डैम से वापस नंगल को आती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.