महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यू 10 जनवरी से होगा लागू, स्कूल-रेस्त्रां से लेकर शादियों तक लगे कई कड़े प्रतिबंध

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 10 जनवरी से रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। इसके साथ ही उद्धव सरकार ने कोरोना को काबू करने के लिए सख्त से कई प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

राजस्व एवं वन विभाग, आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कर्फ्यू के दौरान आवश्यक उद्देश्यों को छोड़कर सड़कों पर लोगों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

नए दिशा निर्देश

  • नए दिशा-निर्देशों के तहत राज्य में रेस्तरां और भोजनालयों को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक और 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति होगी। रेस्तरां को एक बोर्ड पर अंदर लोगों की संख्या प्रदर्शित करने के लिए भी निर्देश दिया गया है। हालांकि, होम डिलीवरी पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है।
  • 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियों को छोड़कर स्कूल और कॉलेज 15 फरवरी तक बंद रहेंगे।
  • राज्य में यात्रा के लिए कोरोना की दोनों टीकाकरण का प्रमाणपत्र या आगमन से 72 घंटे पहले जारी की गई अनिवार्य RT PCR रिपोर्ट लेनी होगी।
  • राज्य में थिएटर और ऑडिटोरियम भी केवल सुबह 8 से रात 10 बजे के बीच और 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होंगे।
  •  जिम, स्विमिंग पूल, वेलनेस सेंटर, ब्यूटी सैलून बंद रहेंगे। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए बाल काटने वाले सैलून को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
  • मनोरंजन पार्क, चिड़ियाघर, संग्रहालय और किले बंद रहेंगे।
  • शॉपिंग मॉल को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति है। मॉल मालिकों को भवन के बाहर एक बोर्ड लगाना होगा जिसमें अंदर लोगों की संख्या प्रदर्शित होती है। उन्हें अंदर एक रैपिड एंटीजन टेस्टिंग यूनिट भी लगानी है। उन्हें कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए मार्शल नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है।
  • निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करने की सलाह दी गई है और शिफ्ट प्रणाली में काम के घंटे कम कर दिए गए हैं। केवल पूर्ण टीकाकरण वाले कर्मचारी ही कार्यालय में उपस्थित हो सकते हैं।
  • सरकार ने विवाह समारोहों और सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक समारोहों में उपस्थित लोगों की संख्या को 50 तक सीमित कर दिया है। अंतिम – संस्कार और अंतिम संस्कार के लिए भी 20 व्यक्तियों की एक सीमा लागू की गई है।
  • सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और बैठकें वर्चुअल होंगी।
  • सरकारी निकायों की सभी परीक्षाएं भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार होंगी।

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