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मुख्यमंत्री ने आम जनता के दुख-दर्द दूर करने स्वेच्छा अनुदान के नियमों को शिथिल कर स्वीकृत की राशि

रायपुर :  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आम जनता से भेंट-मुलाकात का दौर जारी है। सरगुजा संभाग के बाद मुख्यमंत्री बस्तर संभाग में शासकीय योजनाओं की मैदानी स्तर तक पहुंच की जांच परख कर रहे हैं। इसी बीच वे लोगों से दुख-दर्द भी सुन रहे हैं और उनकी परेशानी का हल मिनटों में कर रहे हैं। लोगों की आंखों से आंसू पोछने के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नियमों को भी शिथिल कर दिया है। प्रशासन भी चौकस है और मुख्यमंत्री की स्वीकृति पर तुरंत लोगों को सहायता पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में बस्तर विधानसभा के भैंसगांव ग्राम पंचायत में हजारों की भीड़ में सुबक रही बेटी कुमारी लोकेश्वरी बघेल के लिए मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत तीन लाख रूपए की सहायता राशि और बकावंड में दृष्टिबाधित भाई-बहन भानुप्रिया और खलेन्द्र के पिता श्री देवेन्द्र आचार्य की मदद के लिए स्वीकृत 1.50 लाख रूपए की राशि तुरंत जारी कर दी गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने स्वेच्छा अनुदान मद से नियमों को भी शिथिल किया है।
उल्लेखनीय है कि भैंसगांव ग्राम पंचायत में भेंट-मुलाकात के दौरान कल 25 मई को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भीड़ में भी रोती हुई बेटी को देख लिया। ग्राम पंचायत कुरूषपाल की रहने वाली इस बेटी लोकेश्वरी को मुख्यमंत्री ने अपने पास बुलाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और उसे पानी पिलाया। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पिता की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। घर ना होने की वजह से अपनी विधवा मां और भाई के साथ अपने मामा के यहां रहने को मजबूर हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वो और उसका भाई पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि घरेलू कार्यों में मां की मदद करनी पड़ती है।
रोती हुई लोकेश्वरी के आंसुओं को पोंछते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्यवाही करते हुए लोकेश्वरी को 3 लाख रूपए की आर्थिक मदद स्वीकृत कर दी। रोती हुई लोकेश्वरी अपने चेहरे पर मुस्कान और आंखों में विश्वास की चमक लेकर वापस घर लौटी।
इसी तरह 25 मई को बकावंड में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दृष्टिबाधित छात्रा को स्मार्ट फोन एवं अन्य उपकरण खरीदने दिये डेढ़ लाख रुपए स्वीकृत कर उनके जीवन में ज्ञान का उजियारा भर दिया। भेंट मुलाकात के दौरान सवरा गांव की दृष्टिबाधित छात्रा भानुप्रिया आचार्य ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूँ। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से दिक्कत है। उनके दृष्टिबाधित भाई खलेन्द्र ने भी संगीत सीखने की इच्छा जाहिर की। दोनों के लिए भानुप्रिया ने स्मार्ट फोन और टेप रिकार्डर की माँग की। मुख्यमंत्री ने तुरंत इसके लिए डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा की।

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