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सांसद या विधायक को टिकट नहीं देगी भाजपा, एक व्यक्ति एक पद पर जोर ….पार्षदी में भी यहीं चाह रहे है दावेदार

यदि वादे पर अमल हुआ तो कई विधायक दौड़ से हो सकते है बाहर, इंदौर में दिखेगा बहुत ही नया चेहरा

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश शीर्ष नेतृत्व ने भी लगभग इस  क्राइटेरिया पर मुहर लगा दी है  की अब एक व्यक्ति एक पद पर ही रह सकेगा केंद्रीय नेतृत्व पहले ही यह निर्णय ले चूका है। पार्षद दावेदारों में भी उम्मीद है कि नगरी निकाय चुनाव में भी इस तरह के निर्णय को अमल में लाया जाएगा।

भाजपा प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के टिकट को लेकर क्राइटेरिया लगभग तय हो चुका है। पार्टी, महापौर के लिए किसी भी सांसद या विधायक को टिकट नहीं देगी। चुनाव में एक व्यक्ति एक पद के फॉर्मूले को सख्ती से अमल में लाया जाएगा। भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में मापदंडों पर चर्चा हो चुकी है। केंद्रीय संगठन ने 16 नगर निगमों में सांसद या विधायक को छोड़कर चेहरे तलाश करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख नेताओं को भी संकेत दिए गए है कि किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा। पार्टी ने टिकट के लिए थ्री-लेयर व्यवस्था की है। इसके तहत जिलों में प्रभारी मंत्री के साथ चर्चा के बाद सूची तैयार हो रही है। जिला कोर कमेटी संगठन में तीन-तीन नाम मेयर और पार्षद पद के लिए। पूछ रही है। यह सूची संभाग स्तरीय चुनाव समिति में जाएगी और फिर प्रदेश संगठन की चुनाव समिति नाम पर मुहर लगाएगी। प्रदेश संगठन 7 जून के बाद बैठकें शुरू कर देगा। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का सबसे ज्यादा असर इंदौर में देखने मिल रहा है। जहां विधायक और पूर्व विधायक सहित पद पर कार्यरत पदाधिकारी महापौर की जुगत में लगे है।

बड़े शहरों से दावेदारी होगी मुश्किल

भोपाल से मेयर के लिए फिलहाल ओबीसी चेहरे के बतौर गोविंदपुरा विधायक कृष्णा गौर का नाम सबसे आगे चल रहा है पर नए क्राइटेरिया के चलते अब दूसरे चेहरों पर नजरें हैं। इसी तरह इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला के सामने विधायक रमेश मेंदोला ने दावेदारी जताई है। मेंदोला का टिकट भी मुश्किल में पड़ गया है। ग्वालियर में मेयर के लिए सांसद या विधायक की जगह पूर्व मंत्री माया सिंह ने दावेदारी जताई है।

शहर में दिख सकता है इन परिस्थितियों में  संघ नेतृत्व

 इंदौर में लगातार बढ़ती जनता की नगर निगम से नाराजगी के खिलाफ संघ ने अब अपने हाथों में कमान ले ली है और महापौर के लिए केंद्रीय नेतृत्व के क्राइटेरिया के बाद अब नए चेहरे को जगह दी जानी है। ऐसे में इंदौर से संघ के डॉक्टर निशांत खरे और डॉक्टर विकास दवे का नाम सबसे ऊपर है। पुष्प मित्र भार्गव का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ है। लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी संजय शुक्ला को मात देना आसान नहीं होगा।

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