मन की बात: पीएम मोदी ने कहा ‘लोकतंत्र ने तानाशाही को हराया था’
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 90वें संस्करण को संबोधित करते कहा, मुझे मन की बात के लिए कई संदेश मिले हैं जिसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं। पीएम मोदी ने कहा कि, आज मैं आज उस जन आंदलोन की चर्चा करना चाहता हूं जिसका देश के हर नागरिक के जीवन में बहुत महत्व है। पीएम मोदी ने आपातकाल का किया जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र ने तानाशाही को हराया था। हमारे देश में 1975 के जून महीने में इमरजेंसी लगाई गई थी। आपातकाल लागू किया गया था। उसमें देश के नागरिकों से सारे अधिकार छीन लिए गए थे। पीएम मोदी ने आगे कहा उस दौरान भारते के लोकतंत्र को कुचल देने का प्रयास किया गया था। देश की अदालतें, हर संवैधानिक संस्था, प्रेस, सब पर नियंत्रण लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध यात्रा शुरू होने जा रही है। ओडिशा में, पुरी की यात्रा से तो हर देशवासी परिचित है, लोगों का प्रयास रहता है कि इस अवसर पर पुरी जाने का सौभाग्य मिले। दूसरे राज्यों में भी जगन्नाथ यात्रा खूब धूमधाम से निकाली जाती हैं। हमारे उपनिषदों का एक जीवन मंत्र है- ‘चरैवेति, चरैवेति, चरैवेति, इसका अर्थ है- चलते रहो, चलते रहो, एक समाज के रूप में, हम हमेशा, नए विचारों, नए बदलावों को स्वीकार करके आगे बढ़ते आए हैं। इसके पीछे हमारे सांस्कृतिक गतिशीलता और यात्राओं का बहुत बड़ा योगदान है।
पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि हमारे ग्रंथों में ‘आषाढस्य द्वितीयदिवसे… रथयात्रा’, इस तरह संस्कृत श्लोकों में वर्णन मिलता है। गुजरात के अहमदाबाद में भी हर वर्ष आषाढ़ द्वितीया से रथयात्रा चलती है। मैं गुजरात में था, तो मुझे भी हर वर्ष इस यात्रा में सेवा का सौभाग्य मिलता था। मेरे लिए इसलिए भी ये दिन बहुत खास है- मुझे याद है, आषाढ़ द्वितीया से एक दिन पहले, यानी, आषाढ़ की पहली तिथि को हमने गुजरात में एक संस्कृत उत्सव की शुरुआत की थी, जिसमें संस्कृत भाषा में गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। पीएम ने कहा कि बीते दिनों, हमारे ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा फिर से सुर्ख़ियों में छाए रहे। फिनलैंड में नीरज ने पावो नूरमी गेम्स में सिल्वर जीता। यही नहीं, उन्होंने अपने ही भाला फेंक के रिकार्ड को भी तोड़ दिया। हाल ही में आयोजित हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भी हमारे खिलाड़ियों ने कई रिकार्ड बनाए। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में इस बार भी कई ऐसी प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं, जो बहुत साधारण परिवारों से हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज, भारत की सर्वाधिक प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में से एक मिताली राज की भी चर्चा करना चाहूंगा। उन्होंने, इसी महीने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है, जिसने कई खेल प्रेमियों को भावुक कर दिया है। मैं, मिताली को उनके भविष्य के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं देता हूं।